बरेली। अमृतसर से बरेली आ रही 14674 शहीद एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-6 मे बिजनौर के नगीना के पास शुक्रवार देर रात लपटे उठने लगी। आग की चपेट में आने कोच में सफर कर रहे पिता-पुत्र झुलस गए, जबकि कई यात्री बाल-बाल बचे। कई लोगों का सामान जल गया। हादसे से कोच में अफरातफरी मच गई। यात्रियों ने जलता सामान कोच से बाहर फेंककर आग पर काबू पाया। बरेली पहुंचने पर सम्बंधित कोच बदलकर गाड़ी आगे रवाना की गई। अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। शहीद एक्सप्रेस शुक्रवार को अमृतसर से रवाना हुई थी। शुक्रवार रात करीब 11:15 बजे नगीना के पास गेट संख्या 471 पर पहुंची तो अचानक कोच एस-6 में अचानक आग लग गई। कोच में चीख पुकार मचने पर तुरंत ही ट्रेन रोकी गई। सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंची गई। आग की चपेट में यात्री का बैग और कंबल भी जलकर राख हो गया। दूसरे यात्री अपने-अपने सामान इधर-उधर फेंकते नजर आए। वहीं, कुशीनगर में मण्डार बिंदालिया गांव निवासी दीपक कुमार पत्नी पिंकी और दो बेटों के साथ मंडी गोबिंदगढ़ से गोरखपुर जा रहे थे। परिवार सीटें 66, 67, 69 और 70 नंबर पर यात्रा कर रहे थे। हादसे में दीपक उनका का 17 वर्षीय बेटा विवेक झुलस गए। जांच में बोगी अंदर कोई ज्वलनशील पदार्थ नही मिला। सीट के पास कागज और पन्नी में लिपटी पटाखा गन जरूर बरामद हुई है। आग के कारणों की जांच की जा रही है। ट्रेन का केच बदलने और घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद ट्रेन आगे रवाना कर दी गई। स्टेशन अधीक्षक बरेली जंक्शन भानुप्रताप सिंह ने बताया कि ट्रेन स्लीपर कोच में नगीना के पास आग लगी थी। बचाव दल ने तुरंत ही आग पर काबू पा लिया। बरेली में दूसरा कोच लगाया गया। जिसके बाद ट्रेन गंतव्य को रवाना हो गई। अज्ञात पर रिपोर्ट दर्जः यात्रियों के फेंके गए बैग की जांच की गई। वीडियोग्राफी के साथ गहन जांच-पड़ताल की गई। कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं मिला, लेकिन सीट के पास कागज पन्नी में लिपटी गंधक-पोटाश की पटाखा गन जरूरी मिली है। दीपावली करीब होने की वजह से इसे सामान्य माना जा रहा है। झुलसे पिता-पुत्र को डॉक्टर ने उपचार दिया। मुरादाबाद में अधिकारियों ने कोच का निरीक्षण किया।।
— बरेली से कपिल यादव
