किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर बोली किन्नरों को देश मे सम्मान के साथ जीने का अधिकार

बरेली। शुक्रवार को नाथ नगरी मे किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर श्री 1008 मां पवित्र आनंद गिरी ने कहा कि हमारे यहां हिंदू समाज में किन्नरों को पहले अपनाया नही गया इसलिए इस वर्ग में इस्लाम का बहुत प्रभाव रहा। जब किन्नरों के अखाड़े को मान्यता मिली और महामंडलेश्वर बनी। तब से बहुत परिवर्तन आया है। किन्‍नर समाज की स्‍वीकार्यता बढी है। महामंडलेश्वर बनने का मुख्य कारण अपने समाज के भाई बहनों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है और उन्हें सनातन धर्म की मुख्यधारा मे लाना है।जिसमें प्रमुख रूप से उनकी शिक्षा-दीक्षा आर्थिक और सामाजिक उन्नयन शामिल है। संपूर्ण विश्व में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है। जिसने किन्नरों को हाथ मे सम्मान के साथ जीने का मार्ग दिखाया है। साल 2014 के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर ही थर्ड जेंडर को अन्य नागरिकों के भारतीय अधिकार प्राप्त हुए है। आज देश में सभी जगह पर हमारे किन्नर भाई बहन एक ही किन्नर अखाडा और महामंडलेश्वर है। सभी लोग अपना अच्छा कार्य कर रहे है। हम सब सनातन धर्म के साथ हमारा भगवा पताका लेकर हम सनातन धर्म को लेकर चल रहे है। किन्नर अखाड़ा की स्थापना भी हमारी कमेटी ने की है जिससे किन्नर को अच्छे एजुकेशन मिले। इंडिपेंडेंट खड़े रहे। वह कही किसी गली में जाकर भीख न मांगे। छत्तीसगढ़ बिहार जैसे जगह पर हमारे बहुत सारे किन्नरों को पुलिस की नौकरियां मिली है। समलैंगिक विवाह और समलैंगिक जीवनसाथी चुनने की आजादी भारत देश मे है वह कहीं नहीं है। किन्नरो को भारत देश मे सम्मान से जीने का अधिकार प्रदान किया है।।

बरेली से कपिल यादव

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