बरेली। ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां उर्फ अजहरी मियां के कुल में अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कुल की रस्म में दरगाह आला हजरत और जामियातुर्रजा मदरसे में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। भीड़ का आलम यह रहा कि रामपुर-दिल्ली हाईवे पर करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। शनिवार सुबह से ही दरगाह ताजुश्शरिया और मदरसा जामितुर्रजा रजा के अलावा लोगों ने मस्जिद, खानकाहों, अपने घरों, दुकानों और गांव में बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ उर्स मनाया। शाम को ताजुश्शरिया के कुल की महफिल का आगाज हुआ। कुरान पाक की तिलावत के बाद उलमा-ए-कराम की तकरीर का सिलसिला शुरू हुआ। बताया कि किस तरह दुनिया के ज्यादातर मुल्कों का दौरा करके सुन्नियत को बढ़ावा देने में लगे रहे। आखिर में काजी ए उल हिन्दुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने दुआ कराई। कुल समाप्त होने के बाद मैदान से बाहर आई भीड़ से सड़क जाम हो गई। करीब तीन घंटे तक हाईवे पर भीड़ का रैला उमड़ता रहा। जमात रजा ए मुस्तफा के पूर्व मीडिया प्रभारी समरान खान ने बताया कि उलमा की तकरीरे हुई जिसमे कालपी शरीफ से आए सय्याद गियासे मिल्लत ने फरमाया कि कल भी बरेली मरकज था और आज भी है। हम किसी मनमानी की नहीं मानते हम सिर्फ काजी ए हिन्दुस्तान मुफ्ती मुहम्मद असजद मियां को अपना रहबर वा काईद मानते हैं। देश-विदेश से आए उलेमा-ए-इकराम ने इस मौके पर तकरीर करते हुए मुसलमानों को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की तालीम पर विशेष ध्यान दिया जाए और खासकर बच्चियों को बेहतर शिक्षा दिलाई जाए। अखिलेश की ओर से सपा नेताओं ने पेश की चादर : सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल उर्स स्थल पहुंचे। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से संदेश लेकर दरगाह पर हाजिर हुए और ताजुश्शरिया की मजार पर चादरपोशी की। शुभलेश यादव, शमीम खां सुल्तानी, शहजिल इस्लाम, प्रवीण सिंह ऐरन, इंजीनियर अनीस अहमद, मो. साजिद थे। 20 से अधिक देशों में ऑनलाइन जुड़े लोग : भारत सहित मदीना, दुबई, बांग्लादेश, पाकिस्तान, मलेशिया, तुर्की, इंडोनेशिया, ईरान, लीबिया, कतर, ओमान, जिम्बाब्वे, जॉर्डन, मिस्र, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, हॉलैंड, श्रीलंका समेत कई देशों में लोग डिजिटल माध्यम से उर्स की रस्मों से जुड़े। दो दिन के कार्यक्रम को लाखों जायरीन ने ऑनलाइन सुना और देखा।।
बरेली से कपिल यादव
