बरेली। शिक्षक दिवस पर समाजवादी पार्टी का सरकारी स्कूलों में गोष्ठी कार्यक्रम को लेकर गतिरोध की स्थति बन गई। प्रशासनिक सख्ती के चलते सपाई अपनी प्लानिंग पूरी नहीं कर सके। जिलाध्यक्ष ने ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने गाँव-बंद स्कूलों में कार्यक्रम नहीं करने दिया। कितने ही कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट भी किए गए। हालांकि, प्रशासन ने दो टूक कहा है कि सरकारी स्कूलों में सार्वजनिक गोष्ठी नहीं की जा सकती, इसलिए अनुमति नही दी गई। सपा नेताओं के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश में बंद किए गए 26 हजार विद्यालयों को दोबारा खुलवाने की मांग को लेकर शिक्षक दिवस गोष्ठी कार्यक्रम रखा गया था। सपा कोषाध्यक्ष अशोक यादव ने आरोप लगाया कि पार्टी के कार्यक्रम की जानकारी होते ही प्रशासन ने स्कूलों पर पुलिस का को पहरा बिठा दिया। कार्यकर्ताओं रोक दिया गया। जिन स्कूलों में कार्यक्रम होना था, उनमें से कई शनिवार को खुले भी थे। चंद्रपुर गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र पाल गंगवार, सूरज पटेल व मुनेन्द्र यादव आदि ने कहा कि वे लोग बंद स्कूलों का मुद्दा उठाने वाले थे मगर पुलिस ने ऐसा होने नहीं दिया। बंद स्कूलों मे पढ़ाने जा रहे सपाइयों को किया नजर बंद : फरीदपुर, बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग के बंद स्कूलों में पढ़ाने जा रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोककर नजर बंद कर लिया। कई घंटे नजर बंद रखने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ा। समाजवादी पार्टी हाई कमान ने जिले के पदाधिकारियों को बंद स्कूलों को खुलवाने के मुद्दे पर आंदोलन करने का निर्देश दिया था। शनिवार को सपा के सैकड़ों कार्यकर्ता मुखर्जी पेट्रोल पंप के सामने एकत्र हुए। वह लोग आसपास के गांव में बंद किए गए स्कूलों में जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने उन्हें नजर बंद कर दिया। वही ब्योधन खुर्द मे सपा कार्यकर्ताओं ने पृथ्वीपुर मजरा धर्मपुरा गांव के प्राइमरी स्कूल पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।।
बरेली से कपिल यादव
