आंवला, बरेली। जनपद के थाना आंवला पुलिस ने गांव मनौना स्थित श्याम मंदिर से डेढ़ वर्षीय बच्चे को अगवा करने के मामले मे तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने शनिवार को तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे मे जानकारी दी। एसपी दक्षिणी ने बताया कि बदायूं, बरेली के साथ लखीमपुर व सीतापुर के लोग गिरोह मे शामिल थे जो बच्चे चोरी करके निसंतान दंपतियों को बेचते थे। कुल छह सदस्य अब तक गिरफ्तार हो चुके है। एसपी ने बताया कि संजय कुमार विश्वास मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी व कई साल से सीतापुर के महोली थाने के उलदौली मे रहकर अस्पताल चला रहा था। वह खुद को डॉक्टर बताता था पर उसकी बीएचएमएस की डिग्री को लेकर अभी असमंजस है। लखीमपुर खीरी के थाना मैगलगंज के गांव भगवतीपुर निवासी केशवराम इंटर पास है लेकिन वह भी निजी क्लीनिक चला रहा था। इनके अलावा बच्चों की तस्करी व खरीद-फरोख्त मे मुख्य भूमिका सीता की रही है। सीता बदायूं के दातागंज थाने के गाजीपुर गांव निवासी मनोज चौहान की पत्नी है और फिलहाल मीरगंज के गांव रसूलपुर मे रह रही है। सीता जिले के एक नामी मेडिकल कॉलेज मे नर्स है और पूर्व मे जेल भेजे गए लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम वाजपेयी व उक्त लोगों के साथ मिलकर बच्चा चोरी का रैकेट चला रही थी। इन्होंने स्वीकार किया है कि डेढ़ साल मे ये लोग दो बच्चों को चोरी करके पांच-पांच लाख रुपये मे बेच चुके है। मनौना से जिस बच्चे को अगवा किया। वह इनका तीसरा शिकार था। पूछताछ मे संजय कुमार विश्वास और केशवराम उर्फ मंजेश ने बताया कि वे उत्तम वाजपेयी के साथ बच्चों की खरीद-फरोख्त करते थे। उन्होंने उत्तम को पहले भी बच्चे दिए थे। जिन्हें उत्तम अपने साथियों योगेश और पवन के साथ सीता को बेच देता था। उत्तम उन्हें हर बच्चे के लिए एक लाख बीस हजार रुपये देता था। उत्तम भीड़भाड़ वाली जगहों, अस्पतालों या मंदिरों से बच्चों का अपहरण करता था।।
बरेली से कपिल यादव
