बरेली। जनपद के परिषदीय विद्यालयों मे कार्यरत 2828 शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज के मामले मे झटका लगा है वही उनको गृह जनपद मे तैनाती भी नही की जा रही है। इसे लेकर शिक्षामित्रों ने नाराजगी जताते हुए जल्द कार्यवाही की मांग की है। उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष कपिल यादव ने कहा है कि तीन जनवरी 2025 को तत्कालीन प्रमुख सचिव ने उनका समायोजन आदेश जारी किया था। इसके बाद विभाग की ओर से मांगे गए निर्देश के क्रम मे 12 जून 2025 को भी शासन ने समायोजन प्रक्रिया करने का आदेश दिया किंतु बेसिक शिक्षा विभाग इस पर कोई कार्यवाही नही कर रहा है। इससे शिक्षामित्रों में नाराजगी है। संघ के महामंत्री कुमुद केशव पांडेय ने कहा है कि आर्थिक संकट के चलते जिले मे शिक्षामित्र की असमय मौत हो रही है। आर्थिक समस्या के चलते वह उचित इलाज नही करा पा रहे है। इसके कारण सभी शिक्षामित्र अवसाद से ग्रस्त है। पांच सितंबर को मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों के कैशलेस योजना मे शामिल किए जाने की घोषणा की गई। किंतु लगभग दो महीना बाद भी अभी तक इस संबंध मे कोई आदेश नही जारी हुआ है। मात्र 10 हजार मानदेय मे वे अपने घर से 80 से 90 किलोमीटर दूर शिक्षण कार्य करने को मजबूर है। कैशलेस इलाज व समायोजन के संबंध मे संगठन के पदाधिकारियों ने कई बार बेसिक शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा व निदेशक बेसिक शिक्षा से मिलकर मांग चुके है। लेकिन अभी तक मानदेय बढ़ने का आदेश जारी हुआ है।।
बरेली से कपिल यादव
