बरेली। 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मे कांवड़ यात्रा और छह से आठ अगस्त तक आला हजरत उर्स जैसे दो बड़े धार्मिक आयोजन होने हैं। इस दौरान शहर की सड़कों से लाखों कांवड़ियों और जायरीन की आमद होगी, लेकिन तैयारियां सिफर हैं। शहर की सड़कें बदहाल हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। ऐसे में तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्थिति तब है जबकि जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कांवड़ यात्रा और उर्स से जुड़ी सड़कों को दुरुस्त कराने, बिजली व्यवस्था सुधारने, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे करने के निर्देश दिए हैं। चौपुला से नाथ मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कें बदहाल : चौपुला चौराहा कांवड़ियों के जंक्शन की तरह है। यहां से अलखननाथ सहित विभिन्न नाथ मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कें बदहाल हैं। जिन प्रमुख चौराहों और मार्गों से कांवड़ियों के जत्थे गुजरेंगे, वहां सड़कें टूटी हुई हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गलकर झुक गए हैं। कुछ इलाकों में बिजली के तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं। यह स्थिति कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर काफी गंभीर है। बदायूं रोड भी खस्ताहाल : बदायूं रोड भी खस्ताहाल है। कछला से जल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िये इसी मार्ग से शहर आते हैं, लेकिन सड़क उखड़ी होने के कारण उनको दिक्कत झेलनी होगी। सावन के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं। बदायूं रोड से चौपुला होकर उर्स के दौरान तीन दिनों में लाखों जायरीन इस्लामियां मैदान तक पहुंचते हैं। ऐसे में यातायात का दबाव भी कई गुना बढ़ जाता है। दरगाह की राह भी ठीक नही : दरगाह आला हजरत की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों की हालत भी खराब है। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है। इससे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भरने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। बाहर से आने वाले जायरीन को दरगाह तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की सभी सड़कों की मरम्मत निर्धारित समय से पहले करा दी जाएगी। जिन सड़कों के टेंडर नहीं हो पाएंगे। वहां पैचिंग कराकर आवागमन को सुचारु कराया जाएगा।।
बरेली से कपिल यादव
