बरेली। बीएसए ने शनिवार को बिथरी चैनपुर ब्लॉक के दो प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। एक विद्यालय में रसोईघर में कबाड़ गिलने पर हटाने के निर्देश दिए गए, जबकि दूसरे विद्यालय में प्रधानाध्यापक के फर्जी हस्ताक्षर, उपस्थिति रजिस्टर और छात्र संख्या में गड़बड़ी मिलने पर जांच शुरू कर दी गई है। तीन शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है, जबकि तीन अन्य कर्मचारियों का निरीक्षण दिवस का वेतन और मानदेय भी अवरुद्ध कर दिया गया। बीएसए डॉ. विनीता के सुबह 8:54 बजे प्राथमिक विद्यालय किशनसिंह पुर के निरीक्षण के दौरान स्टाफ उपस्थित मिला हालांकि विद्यालय के रसोईघर में कबाड़ रखा मिला। बीएसए ने तत्काल रसोईघर से कबाड़ हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद वह सुबह 9:20 बजे प्राथमिक विद्यालय बेनीपुर सादात पहुंची। यहां प्रधानाध्यापक मोनी जायसवाल, सहायक अध्यापक विवेक सौरभ, शिक्षामित्र रेखा रानी व सीमा कनौजिया अनुपस्थित मिलीं, जबकि सहायक अध्यापिका नीतू सिंह व शशि यादव उपस्थित थी। उपस्थिति पंजिका में प्रधानाध्यापक मोनी जायसवाल के हस्ताक्षर दर्ज पाए गए। पूछताछ में उपस्थित शिक्षिकाओं ने बताया कि प्रधानाध्यापक विद्यालय का सामान लेने गई है। इस पर बीएसए ने 9:35 बजे वीडियो कॉल की, जिसमें वह अपने घर पर मिली। बीएसए को प्रथम दृष्टया उपस्थिति पंजिका में कूटरचित हस्ताक्षर किए जाने और विद्यालय स्टाफ के बीच मिलीभगत की आशंका हुई। मध्याह्न भोजन (एमडीएम) पंजिका भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा एक अलग रजिस्टर प्रस्तुत किया गया। जिसमें 66 विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज थी जबकि मौके पर केवल 22 बच्चे ही उपस्थित मिले। पूर्ववतीं दिनों में भी प्रतिदिन 70 से अधिक छात्रों की उपस्थिति से दर्ज किए जाने का उल्लेख पाया गया। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए बीएसए ने प्रधानाध्यापक मोनी जायसवाल, सहायक अध्यापिका नीतू सिंह और शशि यादव का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। वही अनुपस्थित सहायक अध्यापक विवेक, सौरभ और शिक्षामित्र रेखा रानी और सीमा कन्नौजिया का निरीक्षण दिवस का वेतन एवं मानदेय भी अवरुद्ध कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की अलग से जांच कराई जा रही है।।
बरेली से कपिल यादव
