बरेली। मुखबिरी के शक में एक नाबालिग समेत छह व्यक्ति एक युवक का उसके घर से ही कार में अपहरण कर ले गए। युवक ने मैसेज करके अपने दोस्त को इसकी जानकारी दी और अनहोनी की आशंका जताई। दोस्त की सूचना पर बिथरी चैनपुर पुलिस ने घेराबंदी कर कई किलोमीटर पीछा करने के बाद कार रुकवा ली। पुलिस ने युवक को सकुशल मुक्त कराकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार भी बरामद कर ली गई है। एक नाबालिग अभी वांछित है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। शीशगढ़ के गांव ढकिया मिलक निवासी मोनू राठौड़ अब बिथरी के गांव बिचपुरी में रहता है। बुधवार रात करीब 8:30 बजे पांच-छह लोग उसके कमरे पर पहुंचे और दरवाजा खटखटाकर बाहर बुलाया। जब वह बाहर पहुंचे तो आरोपी उन्हें पकड़कर अल्टो कार में डालकर ले गए। काफी देर तक आरोपी कार में उनसे मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते रहे। मौका मिलने पर मोनू ने बारादरी के संजयनगर निवासी दोस्त राहुल शर्मा को व्हाट्सएप पर मैसेज करके घटना की सूचना दी। इस पर राहुल ने तत्काल यूपी 112 को फोन करके घटनाक्रम से अवगत कराया। इस पर एसओ राजेश बाबू मिश्रा के नेतृत्व में बिथरी चैनपुर पुलिस की दो टीमे कार का पीछा करने में जुट गई। कार सवार अपहरणकर्ता मोनू को कार में डालकर रामगंगानगर के आसपास की सड़कों पर घूमकर मारपीट कर रहे थे। डोहरिया के श्मशान भूमि भी लेकर गए। डोहरिया तिराहे से घंटाघर की ओर जाने वाले रास्ते पर उनकी कार को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और वे सभी भागने निकले। कई किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने डोहरिया गांव के पास ओवरटेक करके उनकी कार रोक ली। कार से मोनू राठौड़ को बरामद कर पांच अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। एक बाल अपचारी मौके से फरार हो गया। एसओ राजेश बाबू मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व भुता पुलिस ने महावीर के बेटे कृष्ण और उसके साथियों को अवैध असलहों के साथ गिरफ्तार किया था। महावीर को शक था कि उसके बेटे को पकड़वाने में मोनू का हाथ है। इसी वजह से उन लोगों ने उसका अपहरण किया था। पुलिस के मुताबिक महावीर राठौर पर तीन और मनोज वाल्मीकि पर पांच मुकदमे दर्ज है।।
— बरेली से कपिल यादव
