बरेली। भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने बरेली स्थित उत्तर भारत एरिया मुख्यालय (यूबी एरिया) का दौरा कर सेना की ऑपरेशनल तैयारियों, युद्धक क्षमता और भविष्य की रणनीतिक चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य, आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण और स्वदेशी तकनीकों के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने सेनाध्यक्ष को क्षेत्र की वर्तमान ऑपरेशनल स्थिति, सैन्य अभ्यास, आधुनिक हथियार प्रणालियों और युद्धक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों और उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर भी प्रस्तुति दी गई। जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना की भविष्य की रणनीति तीन प्रमुख आधारों पर केंद्रित है, युद्धक तैयारी, अत्याधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाना और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधुनिक तकनीक, स्वदेशी समाधान और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का बेहतर समन्वय कर सेना को और अधिक सक्षम, आधुनिक और प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसी भी अभियान या चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। सेना प्रमुख के दौरे को देखते हुए मंगलवार दोपहर से ही बरेली कैंट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। प्रमुख मार्गों पर सेना और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई, जबकि कुछ संवेदनशील मार्गों पर आम लोगों की आवाजाही अस्थायी रूप से प्रतिबंधित रही। पूरे दौरे के दौरान कैंट क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती गई। अधिकारियों के अनुसार, दौरे का उद्देश्य सेना की युद्धक क्षमता को और मजबूत बनाना तथा आधुनिक तकनीकों के बेहतर उपयोग के माध्यम से भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयारियों का आकलन करना था।।
बरेली से कपिल यादव
