बरेली। 54 लाख की ठगी मे भूमि विकास एवं जल संसाधन आयोग का पूर्व चेयरमैन पन्नालाल कश्यप गिरफ्तार कर लिया गया। क्राइम ब्रांच ने उसे मेरठ से गिरफ्तार कर मंगलवार को बरेली लाई। वह स्थानीय महिपाल गिरोह मे शामिल होकर जमीनों की खरीद-बिक्री के नाम पर ठगी करता था। उसके विरुद्ध अलग जिलों मे कई मुकदमे हुए थे। इनमें भोजीपुरा थाने में दर्ज दो मुकदमों में क्राइम ब्रांच उसकी तलाश कर रही थी। उससे पासपोर्ट, रिवाल्वर और राइफल से संबंधित दो लाइसेंस प्रपत्र और एक राडो की घड़ी बरामद हुई। भोजीपुरा क्षेत्र मे महिपाल गिरोह ने कई जमीनों में फर्जीवाड़ा कर लोगों को ठगा था। आठ अगस्त 2023 को रामपुर के शाहबाद निवासी साईम खा ने भोजीपुरा थाने मे 25 लाख रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि जमीन बिक्री के नाम पर पन्नालाल कश्यप, सतेंद्र यादव उर्फ लालू, महिपाल सिंह यादव, राजवीर सिंह, बहादुर सिंह, अनुभव बेनीवाल, परवेज अली ने रुपये लिए। जमीन नही मिलने पर रुपये वापस मांगे तो आरोपितों ने धमकी देकर भगा दिया। उसी दिन बदायूं के बिनावर निवासी अनिल कुमार ने भी पन्नालाल कश्यप, देव सिंह राना, हितेंद्र राना, महिपाल सिंह यादव, राजवीर सिंह, बहादुर सिंह, अनुभव बेनीवाल, परवेज अली पर 29 लाख की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों मुकदमों मे वांछित पन्नालाल की तलाश में जुटी क्राइम ब्रांच सोमवार को मेरठ मे परतापुर मेट्रो स्टेशन के पास पहुंची। वहां बलोनो कार मे बैठे पन्नालाल को गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच के अनुसार वह मूलरूप से गाजियाबाद के संजयनगर का रहने वाला है मगर कुछ समय से नंदग्राम क्षेत्र मे रहने लगा। वह बीटेक, एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद राजनीति करने लगा। बसपा शासन मे उसे भूमि विकास एवं जल संसाधन आयोग का चेयरमैन बनाया गया था। उसके बाद अन्य दलों के संपर्क मे भी रहा। उसने स्वीकारा कि महिपाल यादव कुछ लोगों को जमीन के सौदे में उसके पास लेकर आया था। महिपाल व उसके लोगों से गाजियाबाद के लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस मे बैठकें होती थी। उसी मे तय होता था कि किस योजना पर आगे बढ़ना है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही। पन्नालाल के विरुद्ध गाजियाबाद मे बिजली चोरी के भी तीन मुकदमे है।।
बरेली से कपिल यादव
