आंवला, बरेली। राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायतों के बीच आंवला तहसील के सेधा गांव में राशन दुकान की जांच में 198.57 क्विंटल राशन का स्टॉक शून्य मिलने पर विक्रेता जसवीर पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। मंगलवार को डीएम के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक के किए आकस्मिक निरीक्षण में भीषण गड़बड़ी पकड़ी गई। मौके पर गेहूं, चावल और चीनी का स्टॉक शून्य मिला। साथ ही कोटेदार कोई अभिलेख या स्टॉक रजिस्टर भी पेश नहीं कर सका। गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 में मुकदमा दर्ज कराने और विक्रेता का अनुबंध-पत्र निलंबित करने की संस्तुति की है। पूर्ति निरीक्षक शिखा के मुताबिक निरीक्षण के दौरान मौजूद कार्डधारकों ने शिकायत की कि दो-तीन माह से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया गया। इसके बाद जब ऑनलाइन अभिलेख और मौके के स्टॉक का मिलान किया गया तो कुल 198.57 क्विंटल खाद्यान्न के स्टॉक या वितरण में गंभीर गड़बड़ी सामने आईं। रिकॉर्ड में अंत्योदय का 28.14 क्विंटल गेहूं, पात्र गृहस्थी का 54.64 क्विंटल गेहूं, अंत्योदय का 18.91 क्विंटल चावल और पात्र गृहस्थी का 82.26 क्विंटल चावल दर्ज था। बाजरा और चीनी भी रिकॉर्ड मे थी। जांच मे सितंबर के वितरण मे कालाबाजारी की प्रथम दृष्टया आशंका जताई गई। रिपोर्ट के मुताबिक स्टॉक का यह अंतर वितरण से नही समझाया जा सका। निरीक्षण के दौरान मौजूद कार्डधारकों के बयान भी लिए गए। हालांकि कुछ लाभार्थियों ने निर्धारित मात्रा में राशन मिलने की बात कही। इसी आधार पर जसवीर का अनुबंध-पत्र निलंबित करने और मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार का कहना है कि अब सक्षम स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई होगी।।
बरेली से कपिल यादव
