बरेली। प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के उपघटक पर ड्राप मोर क्राप (माइक्रोइरीगेशन) के तहत आईवीआरआई इज्जतनगर के कृषक सभागार मे एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक (उद्यान) डा. रंजीत सिंह ने किसानो को सूक्ष्म सिचाई पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सिचाई करने पर जहां एक ओर पानी की बचत होती है। वही खेतों मे खर-पतवार नियंत्रण भी काफी आसान हो जाता है। इससे प्रति इकाई अधिक उत्पादन प्राप्त होता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम मे कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक (उद्यान) डा. रंजीत सिंह ने कृषकों को ड्रिप, स्प्रिंकलर एवं रेनगन विधियों से सिंचाई के महत्व की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बागवानी एवं सब्जियों की खेती की उपयोगिता एवं महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शस्य वैज्ञानिक डा. राकेश पाण्डेय ने कृषि फसलों में होने वाली महत्वपूर्ण शस्य क्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं शस्य फसलों में सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों की उपयोगिता को विस्तार से बताया। वैज्ञानिक डा. रंजना गुप्ता ने महिला कृषक कैसे कृषि के क्षेत्र मे अपना बहुमूल्य योगदान देकर अपनी आय बढ़ा सकती है। डा. डी.डी. शर्मा ने कृषकों को खेत तालाब के रख-रखाव एवं महत्व के बारे में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त इंजीनियर जय किशोर शर्मा ने ड्रिप सिंचाई पद्धतियों का प्रदर्शन कृषकों को दिखाया एवं सिंचाई संयत्रों के अच्छे रख-रखाव के बारे मे भी बताया गया। यह जानकारी जिला उद्यान अधिकारी पुनीत पाठक ने दी है।।
बरेली से कपिल यादव
