* कभी कांग्रेस कभी बीजेपी के नेताओं द्वारा सिर्फ आश्वासन दिए गए लेकिन आज तक गांव के लोगों की मांग पर नहीं बना पुल
*दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा क्षेत्र का मामला ना नेताओं ने दिया ध्यान ना अधिकारियों ने
मध्यप्रदेश/तेन्दूखेड़ा – 2020 की बारिश में डूबे पठाघाट के पुल से एक युवक बह गया था उसकी मौत के बाद ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए तो नेताओं से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक ने रैलिंग का आश्वासन दिया था लेकिन 2022का मानसून फिर दस्तक देने वाला है और अब तक पठाघाट पर स्थिति जस कज तस बनी हुई है तेन्दूखेड़ा नगर से निकले हुए पठाघाट पुल से 18 गांव के लोगों का आवागमन इसी पुल से होता है लेकिन इस साल भी आवागमन के दौरान लोगों को अपनी जान दाव पर लगानी पड़ सकती है क्योंकि तेन्दूखेड़ा नगर से 13 किमी दूर अजीतपुर तक बनी प्रधानमंत्री सड़क में गुरैया नदी पर पठाघाट का पुल बना है जो थोड़ी सी बारिश होने पर ही डूब जाता है इस मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो जाता है इसके बाद लोगों को पुल के ऊपर से पानी होने के बाद भी निकलना पड़ता है मजबूरी में लोगों को खतरा मोल लेना पड़ता है ऐसा इसलिए क्योंकि कई गांव ऐसे है जिन तक पहुंचने का अन्य कोई मार्ग नहीं है यहां के पुल का निर्माण कुछ वर्षों पहले तात्कालीन विधायक स्वंं रत्नेश सॉलोमन द्वारा विधायक निधि से कराया गया था इस पुल की ऊंचाई महज 6से 7 फीट ही है गुरैया नाला पर बने इस पुल पर पानी होने से नगर में रहने वाले शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं साथ ही ग्राम पंचायतों के सचिवों को भी पंचायत ना जाने का एक बहाना बनाकर घरों में आराम फरमाते है जिसके कारण स्कूल शिक्षक ग्राम पंचायत सचिव बारिश के समय अधिकांश कम ही जाते हैं ग्रामीणों का कहना है कि नए पुल की स्वीकृति को लेकर उन्हें सिर्फ हमेशा से आश्वासन ही मिलता आ रहा है
जोखिम में चली गई थी युवक की जान
पठाघाट पुल से 2020 में 17 अगस्त को जामुनखेड़ा जाने वाले मार्ग पर पड़ने वाले पठाघाट पुल से भारी बारिश के दौरान एक साइकिल सवार ग्रामीण बाढ़ग्रस्त पुल को पार करते समय बह गया था 25 दिन तक परिजनों के लगातार नदी किनारों पर छोड़ने के बाद मृत झुरें अहिरवार का शव खुर्राघाट पुल के पास झाडियों मैं फंसा हुआ मिला था
इन गांव का टूट जाता है संपर्क
पठाघाट के इस पुल से 18 गांव के लोगों आवागमन करते हैं जिनमें खामखेड़ा निबोरा अजीतपुर दलपतखेड़ा कछयाई खमरियाकला नन्हीदेवरी निजाम देवरी बुढ़ेला पट्टी बैलवाड़ा मानपुरा टगरा जबाहरनगर जामुनखेड़ा गुहंची खगोरिया बितली गांव शामिल हैं इन गांवों में रहने वाले लोगों की आबादी 25 से30 हजार है बरसात के दिनों में मूसलाधार बारिश होने के दौरान उक्त पुल से पर पानी आ जाने की वजह से आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है ग्रामीणजनों का कहना है कि हर चुनाव में नेता पुल बढ़ा बनवाने का आश्वासन देकर चले जाते हैं लेकिन चुनाव बाद कुछ नहीं होता है बारिश में बहुत समस्या होती है ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो का कहना है की हर चुनाव में राजनेता हम लोगो के घर बोट मागने आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं और अपना आश्वासन भूलकर लग्जरी कारों में घूमते हैं और इस और देखना भूल जाते हैं वही इस छोटे पुल पर बड़े पुल के निर्माण को लेकर पूर्व में कई बार ज्ञापन भी सौंपा गया है लेकिन जिम्मेदारों ने कोई ध्यान देना इस और जरूरी नहीं समझा
जिम्मेदारों ने दिया था भरोसा
जामुनखेड़ा मार्ग पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण स्वीकृत कराए जाने का भरोसा क्षेत्र के जिम्मेदार राजनेताओं द्वारा चुनाव के समय दिया गया था उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि जामुनखेड़ा मार्ग पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कराया जाना उनकी प्राथमिकता में शामिल हैं लेकिन यहां पर आज तक पुल निर्माण को लेकर अब तक कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किए गए
जिला मुख्यालय को जोड़ता है यह मार्ग
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के 18 गांव के ग्रामीण इसी मार्ग से रोजाना आवागमन करते हैं क्योंकि यह मार्ग तेन्दूखेड़ा मुख्यालय को जोड़ता है साथ ही सभी गांव के लिए यह सबसे छोटा मार्ग है जिसके कारण सभी लोग इसी मार्ग से ज्यादा आवागमन करते हैं
बिना रेलिंग की पुलिया भी खतरनाक
बरसात का दौर शुरू होने वाला है ऐसे में कई लोगों को मुसीबत बढ़ जाएगी कई क्षेत्रों को जोड़ने वाले पुल व पुलिया की ऊंचाई बहुत कम है जहां लगातार पांच छह घंटे तक बरसात होने पर पानी आ जाता है तेन्दूखेड़ा ब्लॉक के पठाघाट पुल सहित ब्लॉक भर में कई मार्गो पर बने पुल पुलिया रेलिंग विहिन है इन रेलिंग विहिन पुल पुलिया पर पूर्व में कई दुर्घनाएं भी इनसे गुजरते समय हो चुकी है और बारिश के दौरान भी घटनाएं होती है लेकिन इसके बावजूद भी लोक निर्माण विभाग या स्थानीय निकाय पुलिया रेलिंग लगवाने में कोई ध्यान नहीं दिया गया है सर्रा मार्ग पर बने हुए दो पुलों पर और बमनौदा तारादेही मार्ग पर सारसबगली मार्ग जामुन मार्ग सर्रा मार्ग धनेटा मार्ग सहित तेन्दूखेड़ा ब्लॉक में दो दर्जन भर पुल पुलिया में आज तक रेलिंग नहीं लगाई गई
ग्रामीणों का कहना-
इस मार्ग से लगभग 18 गांव के लोग आवागमन करते हैं क्योंकि यह मार्ग कई गावों को मुख्यालय से जोड़ता है तेन्दूखेड़ा मुख्यालय पहुचने के लिए हम दूरी होने के कारण लोग इसी मार्ग से ज्यादा आना जाना करते हैं इसलिए पुल की ऊंचाई जरूरी है अरविंद कुमार ठाकुर ग्राम
इस मार्ग से हर दिन किसी न किसी कार्य को लेकर तेन्दूखेड़ा शहर जाना पड़ता है लेकिन बारिश के समय में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है वर्तमान में पुल की ऊंचाई बेहद कम है ऐसी स्थिति में मूसलाधार बारिश के चलते पुल पर पानी आने से सड़क संपर्क कट जाता है हुक्म अहिरवार ग्राम जामुनखेड़ा
विधायक का कहना
इस संबंध में जब क्षेत्रीय विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी से बात की गई तो उन्होंने बताया मैने इस पुल की ऊंचाई बढ़ाने का मामला विधानसभा प्रश्न में लगाया था जो पास हो गया है और पुल की ऊंचाई व निर्माण कार्य का टेंडर भी हो गया है मैं और पता करता हूं बारिश के बाद जल्द ही पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा धर्मेंद्र सिहं लोधी विधायक जबेरा
इनका कहना-
इस.संबंध में एसडीएम अविनाश रावत ने कहा कि यह मार्ग प्रधानमंत्री मार्ग से अंतर्गत आता है पुल की ऊंचाई कम है इस संबंध में प्रधानमंत्री सड़क मार्ग के महाप्रबंधक से बात करता हूं और समस्या का समाधान के लिए नया पुल बनाने के लिए प्रस्ताव बनवाता हू अभिनाश रावत एसडीएम तेन्दूखेड़ा
– विशाल रजक, तेन्दूखेड़ा
