बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बीडीए की ओर से संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें डोहरा रोड, पीलीभीत बाईपास रोड, सतीपुर चौराहा, 100 फुटा रोड, मिनी बाईपास और रामपुर रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी स्थिति में अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक भवन स्वामी और निर्माणकर्ता को भवन निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व बरेली विकास प्राधिकरण से विधिवत मानचित्र स्वीकृत कराकर ही निर्माण कार्य कराना होगा। उन्होंने सभी को निर्देशित किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में भवन निर्माण कराने वाले लोग अपने निर्माण स्थल पर एक बैनर या डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करेंगे, जिसमें स्वीकृत मानचित्र संख्या, मानचित्र स्वीकृति तारीख तथा अन्य आवश्यक विवरण अंकित होंगे। इससे यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित निर्माण बीडीए से विधिवत स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप किया जा रहा है। बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण के हर निर्माण कार्य पर दो वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी लागू होती है। यदि इस दौरान किसी कार्य में टूट-फूट, दरार या गुणवत्ता संबंधी दोष पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार को उसे ठीक करना होगा। लापरवाही पर उनकी सुरक्षा निधि जब्त करने, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने, अनुबंध समाप्त करने और आर्थिक दंड लगाने जैसी कार्रवाई की जाएगी। अभियंताओं को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा। सौम्या पांडेय ने कहा कि जिन निर्माणों में स्वीकृत मानचित्र से किसी प्रकार की पाया जाए, ऐसे प्रकरणों में नियमानुसार कंपाउंडिंग कराते हुए निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए। जो निर्माण कंपाउंडिंग योग्य न हों उनकी स्वीकृत न किए जाए। निर्माण करने वालों को चेतावनी दी कि नक्शा न मिलने पर उनके ऊपर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
