दो साल बाद अक्षय तृतीया पर सर्राफा बाजार मे लौटी रौनक, खूब हुआ सोने चांदी का कारोबार

बरेली। कोविड के बाद कराह रहा सर्राफा बाजार मे दो साल बाद अक्षय तृतीया के दिन रौनक लौटी है। अक्षय वर की आस मे लोगों ने देर रात तक खरीदारी की। सबसे ज्यादा भीड़ सर्राफा कारोबारियों के यहां नजर आई। वाहन, कपड़ा और बर्तन की दुकानों पर भी लोग पहुंचते रहे। पिछले दो वर्ष में कोविड ने हर तीज-त्यौहार पर अपना प्रभाव डाला था। अक्षय तृतीया पर भी कोरोना अपना कहर बरपा रहा था। बाजार अघोषित रूप से बंद था। डर के कारण किसी ने बाजार खुलवाने को आवाज भी नहीं उठाई। इस बार पिछले दो वर्ष की कसर पूरी हो गई। सर्राफा कारोबारियों ने तो अक्षय तृतीया के लिए पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी। इस बार खरीदारी के मुहूर्त भी लगभग पूरे दिन ही थे। शुभ अवसर की बेला दोपहर 3:33 बजे से शाम 5:12 बजे तक थी। शहर मे मंगलवार को 50 करोड़ का कारोबार हुआ। अक्षय तृतीया के दिन 22 कैरेट सोने का मूल्य लगभग 49 हजार रुपये प्रति दस ग्राम रहा। मंगलवार को अक्षय तृतीया के दिन पिछली सभी बातों को भूलते हुए ग्राहक शोरूम में उमड़े तो कारोबारियों ने भी उन्हें निराश नहीं होने दिया। नई डिजाइनों के गहने देखे और उसे पसंद भी किए। सोने के बढ़ते दामों ने ग्राहकों को मायूस भी किया। सिविल लाइंस के शो रूम में बैठी महिला ने इस बात का जिक्र भी साथ आई महिला से किया। बोली- सोने के दाम ज्यादा है। ऐसे में वजन से समझौता करके मनपसंद चीज ली जा सकती है। सिविल लाइंस के शो रूम के साथ ब्रांडेड कंपनी के शो रूम में भी गहने खरीदने वालों की खासी भीड़ रही। आलमगिरीगंज के शो रूम के साथ छोटी परंपरागत दुकानों में भी ग्राहकों की भीड़ रही। धनतेरस-दिवाली पर लोग शुभ मुहूर्त मे गाड़ियां खरीदने के लिए लंबे समय तक इंतजार करते है। ठीक यही हाल अक्षय तृतीया का भी होता है। जो लोग नवरात्रि में गाड़ी नहीं ले पाए थे। उन्होंने गाड़ी खरीदने के लिए अक्षय तृतीया का दिन तय किया था। मंगलवार को पूरे दिन बिक्री का सिलसिला चलता रहा। चार पहिया वाहनों में छह से 10 लाख रुपये के बीच वाली स्टाइलिश गाड़ियों की सबसे अधिक मांग रही। एसयूवी लुक की गाड़ियां भी काफी बिकी। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के चलते सीएनजी की तरफ रुझान अधिक दिखा। दोपहिया वाहनों में लोगों ने ई-बाइक को भी पसंद किया। सहालग सीजन के साथ ईद और अक्षय तृतीया का जोड़ होने से कपड़े की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ गई। गर्मी अधिक होने के कारण लाइट कलर की ड्रेस ज्यादा बिकी। महिलाओं ने चटक रंगों की जगह कॉन्बिनेशन पसंद किया। इसमें भी ढीले ढाले कपड़ों को अधिक तरजीह दी गई। ऑनलाइन बाजार का कपड़ा मार्केट में अधिक असर नहीं दिखा। अभी भी अधिकतर लोग ऑनलाइन की जगह दुकान पर आकर ही कपड़ा खरीदना पसंद कर रहे है। कारोबारियों ने बताया कि कई जगह कारोबार ठीक-ठाक हुआ है लेकिन कुछ लोगों के पास ग्राहकों की कमी रही है। हालमार्क का क्रेज रहा तो बड़े शोरूम में भीड़ ज्यादा रही है। हालमार्क गहनों के अन्य दुकानों में भी ग्राहकों ने खरीदारी की है। अनुमान के अनुसार शहर में मंगलवार को 50 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।।

बरेली से कपिल यादव

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