बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। मीरगंज तहसील के गांव टिटौली मे जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर जिला पंचायत सदस्य व पीड़ित धरने पर बैठ गए। राजस्व, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके पर जमीन का सीमांकन कराया। इसके बाद अधिकारियों ने जिला पंचायत सदस्य व पीड़ित कांता प्रसाद गंगवार को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देकर जूस पिलाकर धरना समाप्त कराया। ग्राम टिटौली निवासी कान्ता प्रसाद गंगवार और जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार गाटा संख्या-232 की भूमि पर स्वामित्व और कब्जे को लेकर धरने पर बैठे थे। राजस्व अभिलेखों मे गाटा संख्या-232 रकबा 0.0756 हेक्टेयर कान्ता प्रसाद गंगवार के नाम संक्रमणीय भूमिधर सहखातेदार के रूप में दर्ज है लेकिन चकबंदी के समय से ही उनका इस भूमि पर कब्जा नही है। पड़ोसी काश्तकारों से कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। 18 जुलाई को दोनों धरने पर बैठ गए। थानाध्यक्ष फतेहगंज पश्चिमी की मौजूदगी में राजस्व और लोक निर्माण विभाग की टीम ने सभी पक्षों की उपस्थिति में गाटा संख्या-232 का सीमांकन कराया। सीमांकन के बाद मौके की फर्द पर हस्ताक्षर भी कराए गए। संबंधित मामला अपर आयुक्त, बरेली मंडल की अदालत मे विचाराधीन है। इस मामले मे अगली सुनवाई 13 अगस्त को निर्धारित है। सीमांकन की कार्रवाई पूरी होने के बाद तहसीलदार मीरगंज ने और थानाध्यक्ष फतेहगंज पश्चिमी ने जूस पिलाकर धरना समाप्त कराया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव के अब्दुल्ला हसन के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।।
बरेली से कपिल यादव
