सूचना के अधिकार नियम को और अधिक प्रभावी बनाने की है आवश्यकता- यशेन्द्र सिंह

बरेली। कचहरी स्थित उषा अग्रवाल स्मृति चैंबर्स मे अधिवक्ता परिषद बरेली की इकाई स्वाध्याय मंडल प्रभारी धारासिंह एड. के नेतृत्व मे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधिवक्ता परिषद के जिलाध्यक्ष अनुज कांत सक्सेना ने अध्यक्षता की। बैठक मे स्वाध्याय मंडल के मुख्यवक्ता यशेन्द्र सिंह एड. ने आरटीआई एक्ट 2005 पर विस्तार से अपने विचार रखे। बताया कि ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1923 मे भारत में गोपनीयता अधिनियम पारित करके सरकार की नीतियों व योजनाओं को जनता से गोपनीय रखने की व्यवस्था कर दी थी। जिस कारण आम जनता को सरकार के किसी काम की जानकारी नही मिल पाती थी लेकिन वर्ष 2005 में भारत सरकार ने आम जनता को यह अधिकार अधिनियम के रूप मे प्रदान किया। 2019 मे सरकार ने इसमे कुछ संशोधन कर दिए ताकि व्यक्ति इस अधिनियम का दुरुप्रयोग न कर सके लेकिन इस संशोधन के बाद से सूचना का अधिकार अधिनियम अब उतना प्रभावी नही रह गया है इसलिए सरकार को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर संरक्षक ईश्वरी प्रसाद वर्मा, पूरन लाल प्रजापति, ओमपाल सिंह, अरविंद सिंह गौर, मनमोहन शर्मा, रमेश कुमार सिंह, गौरव सिंह, सत्यभान सिंह, आरती गिरी, संध्या आर्य, गीता कश्यप, सचिन सिंह, दिगंबर सिंह सहित बहुत से साथी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विनोद बाबू कनौजिया ने किया।।

बरेली से कपिल यादव

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