रामपुर, बरेली। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर करना ही सपा का एकमात्र लक्ष्य है और इसके लिए पार्टी का एक-एक सिपाही पूरी तरह तैयार है। वह गुरुवार को रामपुर जिला जेल में बंद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां से एक घंटे की लंबी मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से रूबरू हुए। सपा प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों ने प्रदेश की भावी राजनीति की दिशा तय कर दी है। वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक), सामाजिक न्याय और सच्चाई ही सपा के मुख्य चुनावी मुद्दे होंगे। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता इस बार भाजपा प्रदेश से पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है। चुनाव आयोग को बताया भाजपा का ‘एजेंट’ : अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर कड़ा प्रहार करते हुए इलेक्शन कमीशन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग को सीधे तौर पर भाजपा का ‘एजेंट’ करार दिया और आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल केवल सत्ताधारी दल के राजनीतिक हितों को साधने के लिए किया जा रहा है। बोले- फर्जी केसों में ज्यादा दिन कैद नहीं रहेंगे : रामपुर। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जिला कारागार के बाहर कहा कि आजम खां साहब की सेहत अब सही है, हालांकि जेल की परिस्थितिजन्य तकलीफें अपनी जगह हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि वे आजम खां को लंबे समय तक सलाखों के पीछे रख सकें। सत्ताधारी दल पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को शिक्षा और युवाओं के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। जौहर यूनिवर्सिटी जैसी शैक्षणिक संस्था, जो नौजवानों का भविष्य बनाती है, उसे सोची-समझी साजिश के तहत बर्बाद करने का प्रयास किया गया है, जिसका सच जल्द ही जनता के सामने आ जाएगा। सपा प्रमुख ने एक ग्राफ प्रदर्शित करते हुए सत्ता के संरक्षण में अन्याय करने वाले और भ्रष्टाचारी प्रशासनिक अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि रामपुर जैसे पौराणिक और ऐतिहासिक शहर में भाजपा सरकार द्वारा ‘रामराज्य’ की मूल आत्मा को ही नष्ट किया जा रहा है।
— बरेली से कपिल यादव
