फतेहगंज पश्चिमी, बरेली। गर्मी बढ़ते ही शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हो रही अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। पंखे नही चलने से गर्मी मे पसीना तो रात मे मच्छरों का प्रकोप बढ़ जा रहा है। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ बिजली संकट और गहरा गया है। अघोषित कटौती के चलते लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। लोकल फाल्ट और ट्रिपिंग से ग्रामीण इलाकों में बमुश्किल 10-11 घंटे ही बिजली मिल रही। इस कारण उमस भरी गर्मी मे लोगों का रात व दिन मे हाल बेहाल है। जिले मे मार्च माह तक बिजली व्यवस्था बेहतर रही। शहर को 24 घंटे, तहसील मुख्यालय को 21 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली की आपूर्ति होती रही। अप्रैल माह शुरू होने के साथ ही गर्मी बढ़ी तो इसका असर बिजली व्यवस्था पर भी दिखने लगा। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारी अब जल्द ही अघोषित बिजली कटौती से निजात मिलने का आश्वासन देने लगे है। वही शहरी इलाकों में भी लोकल फाल्ट, ट्रिपिंग की समस्या कम होने का नाम नही ले रही है। शनिवार को शहर से लेकर देहात तक बिजली कटौती के चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को किला उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में ट्रिपिंग, लोकल फाल्ट के चलते कई घंटे बिजली सप्लाई बाधित रही। बाकरगंज, जसोली, कर्मचारीनगर, कटघर, गढ़ी चौकी, हार्टमैन में सुबह से लेकर शाम तक बिजली कटौती हुई। महानगर, हरूनगला बिजलीघर की सप्लाई भी बाधित रही। बिजली सप्लाई बाधित होने की वजह से पानी की सप्लाई भी प्रभावित रही। कई इलाकों मे सुबह पीने का पानी भी नही आया। कुतुबखाना, कोहाड़ापीर लल्ला मार्केट, प्रेमनगर में लोग ट्रिपिंग से परेशान रहे। सुभाषनगर के बदायूं रोड, शांति बिहार, गणेशनगर, करगैना और करेली गांव में भी तीन से चार घंटे की अलग-अलग समय में बिजली कटौती की गई। पुराना शहर, कालीबाड़ी, गंगापुर, पुराना शहर मे सुबह से लेकर देर शम तक बिजली आती और जाती रही। इसके अलावा फतेहगंज पश्चिमी मे बने उपकेंद्र से जुड़े इलाकों मे ट्रिपिंग, लोकल फाल्ट के चलते कई घंटे बिजली सप्लाई बाधित रही। बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल आठ से नौ घंटे बिजली मिल रही है। दिन में तो लोग किसी तरह काम निपटा ले रहे है लेकिन रात को लाइट न होने के चलते पंखे नहीं चल रहे हैं और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जा रहा है।।
बरेली से कपिल यादव
