बरेली। पुलिस लाइन मे महिला सिपाही की बेटी की जन्मदिन से एक दिन पहले बोरवेल मे गिरने से मौत हो गई। सोमवार को बच्ची का जन्मदिन था। महिला सिपाही घर लौटी तो सरकारी आवास पर बेटी नही थी। इसके बाद काफी तलाश किया लेकिन वह कही नजर नही आई। इसी दौरान एक व्यक्ति को बोरवेल के पास बच्ची की चप्पल मिली। इसके बाद बोरवेल मे बच्ची को तलाश किया गया। बोरवेल मे बच्ची का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार महिला सिपाही अर्चना सिंह अपनी बेटी मंजरी चौधरी (6 वर्ष) के साथ पुलिस लाइन के 395/90 ब्लॉक में रह रही थी। 100 मीटर की रेसर सिपाही अर्चना सिंह के पति अतेंद्र सिंह प्राइवेट काम करते है। क्लास फर्स्ट मे पढ़ने वाली मंजरी चौधरी खेलते-खेलते घर के पास ही 20 फीट गहरे गड्ढे (बोरवेल) मे गिर गई। उसने बचाने के लिए चीख-पुकार की मगर कोई सुन नही पाया। इसके चलते उसकी मौत हो गई। महिला सिपाही ने घर लौटने के बाद बच्ची को तलाश किया मगर वह नही मिली। इसी दौरान एक व्यक्ति ने बोरवेल के पास मंजरी की चप्पल होने की सूचना दी। इसके बाद बोरवेल मे बच्ची को तलाश किया गया। वहां उसका शव पड़ा था। इसके बाद महिला सिपाही चीख-चीख कर रोने लगी। कुछ ही देर में मंजरी की मौत से पुलिस लाइन का भी माहौल गमजदा हो गया। पुलिसकर्मियों ने बोरवेल को लेकर जिम्मेदारों की लापरवाही की बात कही। मृतक मंजरी का सोमवार को जन्मदिन था। इसके चलते 6वां जन्मदिन मनाने को रिश्तेदारों को बुलाया गया था। मगर उससे पहले ही मंजरी की मौत से घर मे कोहराम मच गया। महिला सिपाही बच्ची का शव लेकर अपनी ससुराल बुलंदशहर को रवाना हो गई है। पुलिस अफसरों से लेकर पुलिस लाइन मे रहने वाले हर किसी को बच्ची की मौत का अफसोस है।।
बरेली से कपिल यादव
