शेरगढ़, बरेली। महानगर से देहात तक कुत्तों का आतंक बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। डॉग अटैक की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। शहर में कोचिंग से लौट रहे पांच साल के बच्चे को कुत्ते ने हमला कर घायल कर दिया। वहीं शेरगढ़ में घर के बाहर निकले दो साल के मासूम की गर्दन कुत्ते ने जबड़े में दबोच ली। लहूलुहान बच्चों का अस्पताल में इलाज कराया गया है। किला के चंदन नगर यादव गली निवासी मुलायम यादव का पांच वर्षीय बेटा विराट पड़ोस में कोचिंग पढ़ने जाता है। शनिवार शाम कोचिंग से लौटते समय रास्ते में कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने कुत्ते को भगाया। बच्चा घर पहुंचा तो परिजनों को घटना बताई। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। उधर, शेरगढ़ के बाजार वार्ड 12 निवासी नदीम खान का दो वर्षीय बेटा हमजा शनिवार शाम घर के बाहर निकला था। इसी दौरान कुत्ते ने उस पर हमला कर गर्दन दबोच ली। बच्चे की चीख सुनकर परिजन और मोहल्ले के लोग पहुंचे, लेकिन कुत्ते ने उसे नही छोड़ा। लोगों ने ईट-पत्थर बरसाकर किसी तरह बच्चे को छुड़ाया। गर्दन पर गंभीर घाव होने पर सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजन रविवार को उपचार के बाद उसे घर ले गए। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, इसी कुत्ते ने तीन दिन पहले पांच वर्षीय बच्ची और बुजुर्ग हाजी मोहम्मद सेन पर भी हमला किया था। एक बकरी को भी काटने की बात कही गई है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बच्चे को हायर सेंटर रेफर किए जाने की पुष्टि की। तीन साल पहले कुत्तों ने ली थी मासूम की जान : आवारा कुत्तों के हमले का खतरा शेरगढ़ मे नया नही है। करीब तीन वर्ष पहले मोहल्ला शिव मंदिर वार्ड पांच निवासी छेदालाल के पांच वर्षीय बेटे दक्ष पर कुत्तों के झुंड ने सीएचसी के पास जंगल में हमला कर दिया था। हमले में मासूम की जान चली गई थी। इसके बाद भी कस्बे में आवारा कुत्तों की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अब दो वर्षीय हमजा पर हमले के बाद लोगों में फिर दहशत है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि कुत्तों के झुंड अक्सर गलियों में घूमते रहते हैं और बच्चों को अकेले बाहर भेजना मुश्किल हो गया है। शहर में भी कुत्तों के हमलों की शिकायतें लगातार सामने आती रही है।।
बरेली से कपिल यादव
