फरीदपुर, बरेली। झोलाछाप की नोडल अधिकारी ने मंगलवार को फरीदपुर में पंजीकृत अस्पतालों का निरीक्षण किया। आरोप है कि टीम ने अस्पताल की ओटी के दरवाजे पर सर्जिकल टेप लगा दिया। अस्पताल रजिस्टर्ड होने के बाद भी उसे पंजीकरण के दस्तावेज नहीं दिखाने का हवाला देते हुए नोटिस थमा दिया। सबसे चौंकाने वाली बात है कि अस्पताल संचालक को नोटिस का जवाब देने के लिए सीएमओ कार्यालय बुलाने की जगह 300 बेड अस्पताल बुलाया गया। अब अधिकारी इस पूरी कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे है। सीएमओ ने बीते दिनों प्रभार बदला था। पीसीपीएनडीटी के नोडल डॉ. अमित कुमार, अस्पताल पंजीकरण-नवीनीकरण के नोडल डॉ. लईक अंसारी और झोलाछाप-अपंजीकृत अस्पताल की नोडल डॉ. शुचिता गंगवार को बनाया गया है। मंगलवार को झोलाछाप की नोडल अधिकारी डॉ. शुचिता गंगवार ने टीम के साथ फरीदपुर मे श्री ओम बत्रा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में निरीक्षण किया। खास बात यह है कि यह अस्पताल पंजीकृत है। अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया गया कि मौके पर पंजीकरण के दस्तावेज नही दिखा सका और 300 बेड अस्पताल कागज लेकर मिलने बुलाया गया है। टेप लगाकर सील करने पर उठे सवाल : झोलाछाप की टीम का पंजीकृत अस्पतालों में जांच करने जाने से कई सवाल उठ रहे हैं। साथ ही सबसे अधिक चर्चा उनकी तरफ से की गई कार्रवाई की है। टीम अपने साथ सामान तक नहीं ले गई थी। अस्पताल में ओटी, डॉक्टर का कक्ष सील करने के लिए वहां रखे सर्जिकल टेप को ही चिपका दिया। तीनों अस्पताल संचालकों को दिया अलग-अलग समय: इस बार नोडल अधिकारी डॉ. शुचिता गंगवार की तरफ से जो नोटिस जारी किया गया, उसे अस्पताल संचालकों को 300 बेड अस्पताल मे जवाब लेकर आने को कहा गया। इतना ही नहीं, श्री ओम बत्रा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल संचालक को 12 बजे तो भुता के अशोक-कुसुम अस्पताल के संचालक को 12:30 बजे 300 बेड अस्पताल आने को कहा।।
बरेली से कपिल यादव
