हिंदी प्यार, संस्कार और संस्कृति की भाषा, कविता और भाषण प्रतियोगिता, सम्मानित हुए बच्चे

बरेली, बरेली देहात। हिंदी दिवस के अवसर पर जिले भर के स्कूल-कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। हिंदी दिवस पर स्कूल कॉलेजों तथा संस्थानों में कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सभी ने हिंदी के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया। स्कूल, कालेजों में कविता पाठ, निबंध लेखन, भाषण, सुलेख, कहानी लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हुई। केशलता इंटरनेशनल स्कूल में हिंदी दिवस मनाया गया। शिक्षकों ने स्वरचित कविताओं की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने भी हिंदी की महत्ता पर आधारित कविताएं, लघु नाटिका एवं विचार प्रस्तुत कर किए। विद्यालय की निर्देशिका डा. लता अग्रवाल ने हिंदी के महत्व के बारे में बताया। कहा कि हिंदी केवल हमारी भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, विचारों और राष्ट्रीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है। प्रधानाचार्य ममतेश माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया। उपप्रधानाचार्या डॉ. निशा शर्मा ने हिंदी को भारतीय संस्कृति को जोडने वाली सशक्त कड़ी बताया। प्रशासक सुधांशु शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारे विचारों, भावनाओं और भारतीयता की आत्मीय अभिव्यक्ति है। हिंद को विषय नहीं, बल्कि दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाना चाहिए। कही वाल कवि सम्मेलन हुआ तो कही कविता, भाषण, निबंध और शब्द प्रतियोगिताओं के माध्यम से हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को हिंदी के प्रचार-प्रसार और दैनिक जीवन में अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया। बाल कवियों ने बिखेरी काव्य प्रतिभा : बहेड़ी के मिशन ग्लोबल एकेडमी सिंधोरा मे बाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शुभारंभ विद्यालय के संरक्षक आरके सक्सेना और प्रबंधक जितेन सक्सेना ने किया। छात्र-छात्राओं ने हिंदी के विभिन्न रसों पर आधारित काव्य पाठ प्रस्तुत किए। मीनाक्षी ने वीर रस, अंश राज ने वात्सल्य रस, अदीबा ने सौदर्य रस और समृ‌द्धि उपाध्याय ने करुण रस पर कविता प्रस्तुत की। प्रबंधक जितेन सक्सेना, प्रधानाचार्य बीके कश्यप, निदेशक अमित देओल, उपप्रधानाचार्य मोबिन मलिक सहित मदनलाल, जुनैद, विपिन सिंह, काजल गंगवार, अनम, मुस्कान कैफी, नरेश कुमार, राजपाल सैनी, आशुतोष वर्मा और पंकज कुमार मौजूद रहे। हिंदी प्यार और संस्कार की भाषा : बहेड़ी के केसर इंटर कॉलेज मे हिंदी दिवस पर जागरूकता एवं प्रतियोगिता कार्यक्रम हुआ। प्रधानाचार्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने कहा कि हिंदी प्यार और संस्कार की भाषा है। उन्होंने सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया। उप प्रधानाचार्य चंद्रभानु सिंह ने हिंदी के राजभाषा जनने के ऐतिहासिक प्रसंग की जानकारी दी। कविता पाठ और हिंदी प्रश्नोत्तरी आयोजित : मीरगंज के राजेंद्र प्रसाद डिग्री कॉलेज के बीएड विभाग में कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. शिव कुमार सिंह और विभागाध्यक्ष डॉ. रमा जैन ने किया। मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त मुनीश चंद्र शर्मा ने हिंदी के सास्कृतिक महत्य पर प्रकाश डाला। सुरभि पांडेय, शशियाला और प्रीति मौर्या ने व्याख्यान तथा महिमा गंगवार, रिकी कश्यप और शशि गंगवार ने काव्य पाठ किया। वही निपुण भारत मिशन की ब्लॉक एकेडमिक कोऑर्डिनेटर शबाना खान ने ब्लॉक संसाधन केंद्र पर हिंदी प्रश्नोत्तरी कराई। अनीता, उनग रस्तोगी, बबली पाल, सरोज, भगवान दास और भानवती ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। हिंदी को संस्कृति और एकता का प्रतीक बताया : भोजीपुरा के सरदार वल्लभ भाई पटेल डिग्री कॉलेज में वेयरमैन डॉ. हरिशंकर गंगवार ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। खेमेन्द्र, कविता, विनीत, फिजा और मुकेश ने भाषण व कविता पाठ किया। डॉ. सीमा ठाकुर और डॉ. रुवि शर्मा ने हिंदी के इतिहास एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. कबीन्द्र सिंह राठौर ने हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के लिए निरतर प्रयास की आवश्यकता बताई। वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई : फतेहगंज पश्चिमी के उड़ान ग्लोबल स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि हिन्दी सिर्फ एक भाषा नहीं, हमारी पहचान है। 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी को भारत की राजभाषा का दर्जा मिला था, तभी से यह दिन हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने सभी छात्रों को हिन्दी का अधिक से अधिक प्रयोग करने की प्रेरणा दी। बाद विद्यालय में अंतर कक्षा वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही बहुत ही प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। अंत में प्रधानाचार्य जी ने सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी।।

बरेली से कपिल यादव

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