करदाता देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैः वित्त मंत्री

हरिद्वारः नेशनल फोरम (एसोसिएशन ऑफ टैक्स पेयर्स एंड प्रोफेशनल) के तत्वधान में हरिद्वार में चिंतन (टैक्स पर चर्चा) का आयोजन में मुख्य अतिथि के रुप में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री (वित्त, नगर विकास, विधायी एवं संसदीय कार्य) एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में अपर सचिव (वित्त) एवं आयुक्त राज्य कर उत्तराखंड डाॅ. अहमद इकवाल (आईएसएस) उपस्थित रहे।

मंच पर राष्ट्रीय चेयरमैन, अंजनी कुमार श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महासचिव, पराग सिंहल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संदीप बंसल, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्रमोद राजे, उपाध्यक्ष राजस्थान चैप्टर, गणेश चन्द शर्मा, उपाध्यक्ष हरियाणा चैप्टर, जेबी गुप्ता चेयरमैन आयोजन समिति आशुतोष सिंघल थे।

कार्यक्रम प्रारम्भ की घोषणा करते हुए राष्ट्रीय चेयरमैन अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि करदाता देश को राजस्व देता है जबकि टैक्स प्रोफेशनल्स करदाता को अधिक से अधिक टैैक्स देने के लिए प्रेरित करता है, जिसके चलते सरकार विभिन्न विकास व अनुसंधान के साथ सभी योजनाएं बनाते हुए विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वयन करती है परन्तु करदाता का शोषण व उत्पीड़न होने पर करदाता के मन में निराशा व्याप्त होने लगी है। इधर टैक्स प्रोफेशनल्स पोर्टल की तकनीकी समस्याओं एवं जटिल प्रणाली के चलते मानसिक तनाव झेलता है, इसी कारण जो करदाता टैक्स देना चाहता है वह डर के कारण टैक्स प्रणाली से जुड़ नहीं पाता और इस प्रकार करचोरी प्रारम्भ हो जाती है।
जीएसटीआर-4 की समयसीमा बढ़ायी जानी चाहिए

सर्वप्र्रथम राष्ट्रीय महासचिव पराग सिंहल सदन के समक्ष 5 सूत्रीय ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि बजट-22 में जीएसटीआर-4 रिटर्न जो समयसीमा 30 अपै्रल निर्धारित की है, वह बहुत ही अव्यावहारिक है, इसकी समय सीमा 31 दिसम्बर होनी चाहिए। साथ ही मांग की कि 2018-19 से 2021-22 के बीच जो जीएसटीआर-4 रिटर्न दाखिल होने रह गये हैं, उनको दाखिल करने के लिए सरकार को शीघ्र ही एमनेस्टी स्कीम को लाना चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों को लेटफीस से राहत मिल सके और सरकार को रुका हुआ राजस्व प्राप्त हो सके।

करदाता एवं टैक्स प्रोफेशनल्स को मिले वार्षिक मेडिक्लेम
सरकार को टैक्स प्रोफेशनल्स के साथ करदाता के हितों बारे में सोचना चाहिए, न कि केवल टैक्स वसूलने का ध्येय हो। साथ ही कहा करदाता जिन्दगी भर सरकार को टैक्स देता है परन्तु सरकार की ओर से व्यापारी को कोई सुरक्षा एवं प्रोत्साहन नहीं मिलता, बल्कि दंड और उत्पीड़न ही हिस्से में आता है।
अतः सुझाव दिया कि सरकार को व्यापारी को प्रोत्साहन और संरक्षण देते हुए उसके द्वारा जमा किये जाने वाले टैक्स राशि के आधार पर वार्षिक मेडिक्लेम पाॅलिसी मिलनी चाहिए। इसी प्रकार टैक्स प्रोफेशनल्स सरकार को टैक्स के रुप में राजस्व जमा कराने में अपना बड़ा योगदान देता है, उसको भी वार्षिक मेडिक्लेम मिलना चाहिए।
रिटर्न रिवाईज करने की सुविधा मिलनी चाहिए
रिटर्नस को रिवाईज करने की सुविधा मिलनी चाहिए, भले ही सरकार रिवाईज शुल्क लगा दे, क्योंकि त्रुटि होना स्वाभाविक है, आयकर में रिटर्न रिवाईज करने की सुविधा उपलब्ध है तो जीएसटी में क्यों नहीं?

राज्य स्तरीय जीएसटी सलाहकार समिति का हो गठन
मांग की गई कि प्रत्येक राज्य में राज्य स्तरीय सलाहकार समिति को गठन होना चाहिए। इस समिति में टैक्स प्रोफेशनल्स एवं करदाताओं को शामिल करना चाहिए क्योंकि सरकार को टैक्स प्रोफेशनल्स एवं करदाताओं की ओर समय टैक्सेशन में आने वाली समस्याओं का ज्ञान और अनुभव होता है, अतः सरकार को राजस्व वृ(ि हेतु टैक्स प्रोफेशनल्स एवं करदाताओं अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। लेकिन सरकार को ध्यान रखना होगा कि इस समिति में गैर राजनीतिक लोगों को ही शामिल किया जाना चाहिए। तभी समिति के गठन का उद्देश्य सार्थक होगा।

रिवोकेशन सुविधा आॅटोपोपुलेटेड होः मांग
मांग की गई के फॅर्म को पंजीयन कैसिंल हो जाने पर अपील आदि में बहुत ही दिक्कत होती है, अतः पोर्टल पर रिवोकेशन की आॅटोपोपुलेटेड होनी चाहिए, ताकि व्यापार चलता रहे और सरकार को राजस्व मिलता रहे।

प्रस्तावों पर विवार करते हुए जीएसटी परिषद को भेजे जाएंगेः आयुक्त राज्यकर
आयुक्त डाॅ. अहमद इकवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नेशनल फोरम द्वारा प्रस्तुत स्वागत योग्य प्रस्ताव हैं, प्रस्तावों पर सरकार सकारात्मक रुप से विचार करते हुए प्रस्तावों को संस्तुति करते हुए जीएसटी परिषद को भेजे जाएंगे। भविष्य में भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाता रहेगा। नेशनल फोरम के प्रयास सराहनीय है।
करदाता देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैः वित्त मंत्री

नेशनल फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पधारे मुख्य अतिथि प्रेम चन्द्र अग्रवाल ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हरिद्वार का सौभाग्य ही है कि आपने जीएसटी प्रणाली में सुधार करने के सुझावों पर चर्चा करने के हरिद्वार जैसी पावन भूमि को चुना। मैंने महासचिव द्वारा प्रस्तुत सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना, और तत्काल ही आयुक्त को संज्ञान लेने और जीएसटी परिषद के समक्ष संस्तुति की कार्यवाही करें के निर्देश दे दिये हैं। साथ ही कहा कि देश मंे करदाता और टैक्स प्रोफेशनल्स के हितों का ध्यान रखा जाता है। हमारे देश के करदाता देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। सरकार का कत्र्तव्य भी बनता है वह भी ध्यान रखे। सरकार शीघ्र ही कोई कल्याणकारी योजना पर विचार करते हुए लागू करेगी और उत्तराखंड सरकार इन प्रस्तावों पर संस्तुति करने में कोई संकोच नहीं करेंगे। आप मंथन करते रहे और हमको अन्य प्रस्ताव भेजते रहे।

मुख्य अतिथि प्रेम चन्द अग्रवाल ने नेशनल फोरम का संरक्षक का दायित्व स्वीकारने के अनुरोध स्वीकार करते हुए कहा कि मुझे जुड़ने में खुशी होगी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने फोरम के सदस्यों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। सम्मान प्राप्त करने वालों में अखिलेश अग्निहोत्री (छत्तरपुर) दीपक गोयल (बुलन्दशहर), सुनील ध्यानी (देहरादून) अतुल अग्रवाल (कोटद्वार), आशुतोश सिंघल (हापुड़), गणेश चन्द्र शर्मा (बीकानेर), जेबी गुप्ता (गुरुग्राम), प्रमोद राजे (सुलतानपुर) को और वक्ताओं में संजीव गुप्ता (मेरठ), राजेश कुमार शर्मा (पडरौना, कुशीनगर), रुनक कुमार शर्मा (हापुड़) व प्रोफे0 आसित कुमार श्रीवास्तव (जबलपुर) आदि प्रमुख रहे।

प्रतिनिधियों में मित्रा शर्मा (नोएडा), जगदीश केसवानी, हरिओम पोरवाल (कानपुर), पवन गौतम, नरेन्द्र शर्मा (श्रीगंगापुरसिटी), हिमांशु खत्री (जेसलमेर), श्रीचन्द्र केसरवानी (प्रयागराज), खेम चन्द्र साहू, निरंकार चैरसिया (छत्तरपुर), राहुल श्रीवास्तव (मैनपुरी), प्रिंयासु अग्रवाल व सुधांशु अग्रवाल (कोटद्वार), मुकेश अग्रवाल (जोधपुर), संदीप सिंह, हिमांशु मिश्रा, मनीश सक्सैना, मनीश गुप्ता, सुनीत बाजपेयी, पंकज गुप्ता, सोमेश गुप्ता (हरदोई), अंकुर गंगल (अलीगढ़), वेद प्रकाश गोस्वामी, अभिषेक सक्सैना, किशन मुरारी वर्मा (मथुरा), शिवम गुप्ता, (राठ) नमन गुप्ता (मोदहा), अविरल गुप्ता (महोबा) सीए दीपाली जिन्दल (हापुड़), सीए शिवम बंसल (गाजियाबाद), करुणेश शर्मा (रुड़की), रबिन्द्र श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव (सुलतानपुर) अभिषेक गोयल व सीए पीयूष गर्ग आदि विभिन्न प्रांतों से शामिल हुए।

माताओं का सम्मान
कार्यक्रम के पहले सत्र में शामिल प्रतिनिधियों के साथ पधारी माताओं श्रीमती गीता रानी शर्मा, श्रीमती संतोष गुप्ता, श्रीमती सुषमा शर्मा, श्रीमती ऊषारानी सिंघल व श्रीमती रजनी बंसल एवं पिता श्री सुभाष बंसल शाॅल उड़ाकर और रामायण भेंट करते हुए स्वागत एवं सम्मान किया गया। फोरम की महिला मंडल के सदस्याओं ने इसका दायित्व निभाया।

पहला सत्रः वार्षिक सभा
कार्यक्रम के पहले सत्र में नेशनल फोरम की द्वितीय वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में महासचिव पराग सिंहल ने गत वर्ष कार्यवाही प्रस्तुत किये, साथ कोषाध्यक्ष संदीप बंसल ने गत का आय-व्यय ब्यौरा सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। नमन गुप्ता, संदीप सिंह, दीपक गोयल, अखिलेश अग्निहोत्री, हिमांशु मिश्र आदि ने विचार व्यक्त किये।

आयोजन समिति में चेयरमैन आशुतोष सिंघल, को-चेयरमैन अतुल अग्रवाल, संयुक्त चेयरमैन सुनील ध्यानी एवं सदस्य रुपक कुमार शर्मा, शिवम बंसल आदि ने व्यवस्थाएं संभाली, जबकि संचालन महासचिव पराग सिंहल ने किया।

– आगरा से पराग सिंघल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *