बरेली। शाहजहांपुर के तिलहर मे बुधवार रात हुए हादसे मे रोडवेज चालक की मौत के बाद रुहेलखंड व बरेली डिपो के चालकों व परिचालकों ने हड़ताल कर दी। इस दौरान आठ घंटे तक रोडवेज की 400 बसों के पहिए थम गए। उनका आरोप था कि हादसे के समय किसी उच्चाधिकारी का मौके पर फोन नही उठा। जिससे साथी की मौत हो गई। घटना का कारण चालक को लगातार बस चलाने से आई झपकी को बताया गया। दोपहर मेआरएम व एआरएम के समझाने के बाद कर्मचारी काम पर लौटे तब जाकर बसों का संचालन शुरू हो सका। बस संचालन बंद होने से रोडवेज को करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जनपद के नवाबगंज तहसील के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के बीसी रम्पुरा निवासी प्रमोद (30 वर्ष) रोडवेज मे एक साल से संविदा चालक की नौकरी कर रहे थे। वह बुधवार की शाम बरेली से लखनऊ के लिए रोडवेज बस लेकर निकले। वापसी के समय शाहजहांपुर के तिलहर मे बुधवार रात करीब तीन बजे चालक को झपकी आने से बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। बताया गया कि ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक मार दिए थे। बस की गति अधिक होने के कारण चालक घायल हो गया। घटना के बाद यात्रियों व परिचालक ने 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन गाड़ी नहीं पहुंची। तभी उधर से गुजर रहे दूसरे रोडवेज चालक ने अपनी बस से चालक प्रमोद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलहर पहुंचाया। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। चालकों व परिचालकों का आरोप है घटना के समय किसी उच्चाधिकारियों का फोन नहीं उठा, तुरंत उपचार मिलता तो शायद प्रमोद की मौत न होती। साथी की मौत की सूचना मिलते ही बरेली के सेटेलाइट व पुराने बस अड्डे पर बरेली व रुहेलखंड डिपो की सभी बसों के चालक व परिचालक हड़ताल पर चले गए। जब सुबह सात बजे मामले की जानकारी एआरएम एके वाजपेयी हो हुई तो वह हड़ताल को समाप्त करने गए लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। वहीं घटना के बाद चालक के पिता शिशुपाल भी शाहजहांपुर में मौके पर पहुंचे थे, जहां शव के पोस्टमॉर्टम के बाद चालकों व परिचालकों के बुलावे पर करीब 10 बजे सेटेलाइट बस अड्डे पर चले आए। वजह कि यहां पर चालक, परिचालक उनकी मृतक की पत्नी को नौकरी, एक करोड़ मुआवजे की मांग पर अड़े थे। बेटे की मौत से परिवार का चिराग बुझ गया। पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। वह बार-बार कह रहे थे कि मेरा इकलौता बेटा था, वह भी अब नही रहा। दोपहर 12:30 बजे जब पुन: एआरएम एके वाजपेयी आए, वह अपने साथ मृतक के पिता शिशुपाल व चालकों, परिचालकों को अपने साथ सेटेलाइट बस स्टेशन पर लेकर गए। वहां बातचीत के बाद मामला खत्म किया। जिसके बाद दो बजे से बसों का संचालन शुरू हो सका।।
बरेली से कपिल यादव
