बरेली। हरिहर ट्रेन मे अकेली सफर कर रही गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरु हो गई। यात्रियों ने रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी तो आरपीएफ स्टाफ मौके पर पहुंचा लेकिन तब तक महिला का प्रसव हो चुका था और उसके तेज ब्लीडिंग हो रही थी। इस पर महिला सिपाही साधना ने स्वजन की भूमिका निभाते हुए महिला और उसके बच्चे को तुरंत जिला महिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया। डाक्टरों की टीम ने तुरंत महिला का उपचार शुरू किया और जरूरत पर एक यूनिट खून ब्लड बैंक से लाकर चढ़ाया। इसके बाद महिला की जान बचाई जा सकी। इस दौरान सिपाही साधना ने अपनी ड्यूटी के साथ महिला यात्री के स्वजन का फर्ज निभाया और सभी जगह कागजों पर हस्ताक्षर किए। महिला स्वास्थ्य मे सुधार होने के दौरान तक अस्पताल मे रही। महिला ने बेटे को जन्म दिया। महिला और उसका बच्चा दोनों सुरक्षित है। इस दौरान हर कोई महिला सिपाही की सक्रियता की सराहना करता दिखा। ट्रेन नंबर-14523 हरिहर एक्सप्रेस के जनरल कोच में कपूरथला गली नंबर हापुड़नगर थारपूर पंजाब की रहने वाली पूनम पत्नी गौतम अमेठी के मुसाफिरखाना से अपने घर जा रही थी। उसके साथ में कोई नही था। सोमवार देर रात आरपीएफ को सूचना मिली कि एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है। आरपीएफ सिपाही साधना गौतम और अन्य सदस्य तुरंत जंक्शन पर पहुंचे और ट्रेन से महिला को जिला महिला अस्पताल लेकर गए। जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में 2.55 बजे जब महिला आई तब उसका प्रसव हो चुका था। उसके काफी ब्लीडिंग हो रही थी। ड्यूटी पर तैनात डॉ वर्षा अग्रवाल, डॉ वंशिका ने सिस्टर इंचार्ज मीनू कश्यप , स्टाफ नर्स शिवानी और नेहा की मदद से इलाज शुरू किया। महिला को तुरंत ब्लड बैंक से एक यूनिट ब्लड मंगाकर चढ़ाया गया। महिला और उसका बच्चा सुरक्षित है। उसके पति और स्वजन को भी सूचना दे दी गई है।।
बरेली से कपिल यादव
