बहेड़ी, बरेली। भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के पदाधिकारियों ने मंडलाध्यक्ष ठाकुर श्यामवीर सिंह चौहान के नेतृत्व मे शनिवार को मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि चीनी मिल ने संबंधित जमीन किसानों से 35 साल के लिए किराये पर ली थी। बाद में तहसील के अधिकारियों की मिलीभगत से खतौनी से किसानों का नाम हटा दिया गया। इसका मुकदमा (अब्दुल मलिक बनाम उत्तर प्रदेश सरकार) हाईकोर्ट में विचाराधीन है। पदाधिकारियों ने बताया कि किसानों ने मामले की जानकारी तहसीलदार भानु प्रताप को दी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों की मिलीभगत से कीमती जमीन को कौड़ियों के भाव नीलाम किया गया। नीलामी की 25 फीसदी धनराशि चेक के माध्यम से ली गई, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 1995 में मोहम्मद अहमद बनाम रणवीर सिंह केस में यह व्यवस्था दी है कि नीलामी के बाद बोली राशि का 25 प्रतिशत नकद जमा किया जाना अनिवार्य है। पदाधिकारियों ने मामले की जांच कराने की मांग की है।।
बरेली से कपिल यादव
