बरेली। जनपद बदायूं के चर्चित 200 करोड़ रुपये के अमर ज्योति निवेश घोटाले मे फरार चल रहे तीनों मुख्य आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे बरेली निवासी शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत मौर्य और श्रीकांत मौर्य के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई शुरू कर दी गई। शनिवार को बदायूं कोतवाली पुलिस ने बरेली पहुंचकर आरोपियों के घरों पर धारा 84 बीएनएसएस के तहत नोटिस चस्पा किए और सार्वजनिक रूप से मुनादी कराकर उन्हें न्यायालय में हाजिर होने की चेतावनी दी। यदि आरोपी तय समय सीमा के भीतर न्यायालय मे उपस्थित नही होते हैं तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई अमल मे लाई जाएगी। इस कार्रवाई के बाद घोटाले मे फंसे निवेशकों के बीच एक बार फिर उम्मीद जगी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई के जरिए उनकी जमा पूंजी वापस मिलने का रास्ता खुल सकता है। पुलिस के मुताबिक मामले में कंपनी के निदेशक शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत मौर्य और श्रीकांत मौर्य पुत्र नारायण सिंह निवासी राधिका कुंज कॉलोनी, कटरा चांद खां, थाना बारादरी जनपद बरेली को नामजद किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे है। जांच एजेंसियों और पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश देने के बावजूद आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बावजूद इसके आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे है। शहर कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि आरोपियों के लगातार फरार रहने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बदायूं की अदालत से उद्घोषणा जारी कराई गई। इसी क्रम में शनिवार को कोतवाली के अपराध निरीक्षक ने थाना बारादरी पुलिस और गवाहों की मौजूदगी में बरेली पहुंचकर आरोपियों के घरों पर उद्घोषणा नोटिस चस्पा किए। कार्रवाई के दौरान आसपास के इलाके में मुनादी भी कराई गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के भीतर आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
