शाही, बरेली। जनपद के शाही कस्बे में मुहर्रम के तीसरे दिन ऐतिहासिक मेहंदी मेला इस बार भी 11000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे आयोजित हो रहा है। भारी भीड़ जुटने की संभावना के बावजूद प्रशासन और बिजली निगम ने सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाया है। इससे महिला और बच्चों सहित मेले में आने वाले लोगों की जान को गंभीर खतरा है। यह मेला शाही कस्बे में दशकों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जहां दूरदराज से लाखों लोग आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में लाए जाने वाले ताजिया, अलम या बांस के हाईटेंशन तार से छूने पर बड़ा हादसा हो सकता है। हर साल लाखों की भीड़ जुटती है, फिर भी न तो लाइन हटाई गई और न ही मेले के दिन बिजली बंद की जाती है। लोगों ने कई बार उपजिलाधिकारी, बिजली निगम और पुलिस को सूचित किया है, लेकिन हर बार उनकी बात को टाल दिया गया। उपजिलाधिकारी मीरगंज निधि शुक्ला ने बताया कि मेले की अनुमति पुरानी परंपरा के अनुसार दी गई है, लेकिन झूले लगाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी और फायर ब्रिगेड के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना झूले लगाने पर आयोजकों और झूला संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
