माहे मुहर्रम हज़ इमाम हुसैन रजि आ की कुर्बानी उम्मत के लिए रहनुमाई: मौलाना फैजान अशरफ हामिदी

सम्भल। तंजीम उलामाऐ अहले सुन्नत के जर्नल सेक्रेटरी मौलाना फैजान अशरफ हामिदी कहा कि माहे मुहर्रम इस्लामी साल का पहला और बहुत बरकत वाला महीना है। इस महीने की सबसे बड़ी याद कर्बला का वह ऐतिहासिक वाक़िआ है, जिसने हक़ (सच्चाई) और बातिल (झूठ व ज़ुल्म) के बीच फर्क को हमेशा के लिए साफ़ कर दिया।
यौमे आशूरा हमें हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके वफ़ादार साथियों की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने ज़ुल्म और नाइंसाफी के सामने झुकने के बजाय हक़ और इंसाफ़ के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा।
कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सब्र, हिम्मत, सच्चाई और नेक किरदार का सबक है।
इस मुबारक मौके पर हमें अपनी ज़िंदगी में इन बातों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए:
1️⃣ सच्चाई और इंसाफ़ का साथ दें
कर्बला हमें सिखाती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, हमेशा सच और इंसाफ़ के साथ खड़ा रहना चाहिए। किसी भी तरह के ज़ुल्म, झूठ और नाइंसाफी का समर्थन नहीं करना चाहिए।
2️⃣ सब्र और हिम्मत से काम लें
हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके साथियों ने भूख, प्यास और कठिन परीक्षाओं के बावजूद सब्र और हिम्मत का दामन नहीं छोड़ा। हमें भी अपनी परेशानियों में अल्लाह पर भरोसा रखते हुए धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए।
3️⃣ भाईचारा और एकता को मज़बूत करें
आज के समय में हमारी सबसे बड़ी ताकत आपसी मोहब्बत, भाईचारा और एकता है। हमें नफ़रत और भेदभाव से बचकर एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए तथा समाज में अमन और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।
4️⃣ नेक अख़लाक़ और इबादत को अपनाएँ
मुहर्रम का महीना हमें अपने किरदार और आमाल को बेहतर बनाने की याद दिलाता है। नमाज़ की पाबंदी, सच्चाई, ईमानदारी, अच्छे व्यवहार और ज़रूरतमंदों की मदद करना एक सच्चे इंसान की पहचान है।
आइए, इस माहे मुहर्रम में हम केवल ग़म का इज़हार ही न करें, बल्कि हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु के बताए हुए रास्ते—सच्चाई, सब्र, इंसाफ़, तक़वा और इंसानियत—को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाएं। यही शुहदाए कर्बला के लिए हमारी सच्ची ख़िराजे अकीदत होगी।

— सम्भल से सैय्यद दानिश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *