बरेली। सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और तकनीकी सर्विलांस की मदद से बरेली पुलिस ने जुलाई में 455 गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद कर लोगों को वापस सौंपे। मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 91 लाख रुपये बताई गई है। खोए मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न थानों की साइबर टीमों को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी को विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जुलाई महीने में 455 मोबाइल गुम होने और चोरी के आवेदन आये। विभिन्न थानों की पुलिस, साइबर टीम और सर्विलांस सेल ने भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल तथा आधुनिक तकनीकी सर्विलांस की सहायता से खोए 455 मोबाइल को तलाश किया। बुधवार को पुलिस लाइन में एसपी क्राइम मनीष कुमार सोनकर ने लोगों को मोबाइल दिलाये। खोए कीमती मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। सभी ने पुलिस की प्रशंसा की। मोबाइल बरामदगी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर कोतवाली, प्रेमनगर, कैंट, किला, सीबीगंज, इज्जतनगर, सिरौली, शाही, आंवला, भमोरा, फरीदपुर, भुता, भोजीपुरा, शीशगढ़, देवरनियां, शेरगढ़, नवाबगंज और क्योलड़िया थानों की साइबर टीमों को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसपी क्राइम ने बताया, 2026 में जनवरी से जुलाई तक जिले में कुल 3,048 मोबाइल फोन बरामद किए गये, जिनकी अनुमानित कीमत 6 करोड़ 9 लाख 60 हजार रुपये है। 2025 में जुलाई 2026 तक चलाए गए अभियान के दौरान 6180 मोबाइल फोन बरामद कर वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ 36 लाख रुपए थी।।
बरेली से कपिल यादव
