बरेली। जनपद के थाना बारादरी क्षेत्र मे दो व्यक्तियों को नौकरी का झांसा देकर 7.33 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इन दोनों मामलों मे ईपीएफओ कर्मचारी समेत चार के खिलाफ थाना बारादरी मे दो मुकदमे दर्ज कराए गए है। सनराइज कॉलोनी निवासी प्रिंस ने थाना बारादरी मे ईपीएफओ कर्मचारी केतन सक्सेना पर मुकदमा दर्ज कराया है। प्रिंस का कहना है कि उनके पिता भी ईपीएफओ मे तैनात थे। 30 जून 2024 को रिटायरमेंट के बाद कागज तैयार कराने के दौरान केतन से उनका परिचय हुआ। केतन ने कहा कि उसका कजिन राजेंद्र एफसीआई मे कार्यरत है और उनकी भी नौकरी लगवा सकता है। फिर केतन ने प्रिंस और उनके भाई अंकित के दस्तावेज लेकर यूपी या हरियाणा मे नौकरी का झांसा दिया। इसके लिए तीन सितंबर से अक्तूबर 2024 के बीच छह लाख रुपये ले लिए। मार्च 2025 तक नौकरी न लगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा और उनके खिलाफ पुलिस में फर्जी शिकायत कर दी। उनकी रकम भी हड़प ली। इस पर उन्होंने कोर्ट में शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराया है। दूसरा मुकदमा सम्राट अशोकनगर निवासी तहसील सदर के अमीन सुरेश चंद्र ने प्रेमनगर के मोहल्ला कानूनगोयान निवासी अनुज मसीह, नन्हेलाल कश्यप और उसकी बेटी कोमल कश्यप पर दर्ज कराई है। यह रिपोर्ट भी कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई है। आरोप है कि नन्हे और उसकी बेटी कोमल ने अनुज को अपना रिश्तेदार बताया। कहा कि वह मुरादाबाद जिला अस्पताल मे बड़े बाबू के पद पर तैनात है और स्वास्थ्य विभाग मे उनके भाई की संविदा पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर मार्च 2024 मे 1.33 लाख रुपये ठग लिए। फिर उन्हें सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के फर्जी हस्ताक्षर से नियुक्ति पत्र बनाकर भेज दिया। वह जिला अस्पताल पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। इस पर उन्होंने भी मुकदमा दर्ज कराया है।।
बरेली से कपिल यादव
