बरेली। रेलवे ट्रैक पर चल रहे मरम्मत और आधुनिकीकरण कार्यों के कारण बार-बार लिए जा रहे ब्लॉक का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। ब्लॉक के चलते शुक्रवार को कई ट्रेनें आठ-आठ घंटे तक देरी से बरेली जंक्शन पहुंची। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्लेटफार्मों पर घंटों इंतजार के कारण भीड़ बढ़ गई और अव्यवस्थाएं भी खुलकर सामने आई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार दिल्ली से लखनऊ रूट पर ट्रैक बदलने, स्लीपर बदलने और हाईटेक सिग्नल सिस्टम लगाने का कार्य जारी है। इसी के चलते जगह-जगह ब्लॉक लिए जा रहे हैं, जिससे ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित हो रही है। मुरादाबाद से लखनऊ के बीच करीब 50 से 60 स्थानों पर 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रेनों को चलाने के निर्देश (कॉशन) लागू है। शुक्रवार को मुरादाबाद, कटघर, मूंडा पांडेय, नगरिया सादात, धनेटा, कैंट, पीतांबरपुर, टिसुआ और बिलपुर सहित कई स्टेशनों के आसपास ट्रैक पर कार्य हुआ, जिससे अप और डाउन की दर्जनों ट्रेनें विलंब से चली। अवध असम एक्सप्रेस, हिमगिरि एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से पहुंची। यात्रियों को आधे घंटे से लेकर कई घंटों तक प्लेटफार्मों पर इंतजार करना पड़ा। ट्रेनों के लेट होने से जंक्शन पर भीड़ का दबाव बढ़ गया है। शाम होते ही स्टेशन के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में 15 से 20 ठेले लग जाते हैं, जहां यात्रियों से खाने-पीने की वस्तुओं के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। जंक्शन पर मौजूद 23 फूड स्टॉलों में भी कुछ जगहों पर अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही है। ट्रेनों में इस समय लोगों को पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। रेलवे ने नियमित ट्रेनों में भीड़ कम करने के लिए कई स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। जिसमें 52 से अधिक ट्रेनें बरेली से होकर गुजरेंगी। बोर्ड के निर्देश पर ट्रेनों की सूची एवं समय सारिणी भी जारी कर दी गई है। मई से जुलाई तक ट्रेनों में भीड़ अधिक होती है। श्रमजीवी, राजधानी, काशीविश्वनाथ, कानपुर सुपरफास्ट, हावड़ा मेल, पंजाब मेल, बाघ आदि जो नियमित ट्रेनें हैं, उनमें जून तक नो रूम है। सौ के पार तक वेटिंग है।।
बरेली से कपिल यादव
