बरेली। जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र में लगीं दो मशीनों मे से एक माहभर से खराब पड़ी है। इससे व्यवस्था चरमरा गई है। हालात यह है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को 25 जुलाई तक की तारीख दी जा चुकी है। ऐसे मे गंभीर मरीज बाहर से जांच करा रहे है। अस्पताल प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर मशीन खराब है बोर्ड लटका दिया है। यह भी बताया जा रहा है कि मशीन की देखरेख व मरम्मत की जिम्मेदारी निजी संस्था की है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मशीन ठीक करने के लिए पत्र भेजने के साथ ही संस्था को कई रिमाइंडर (स्मरण पत्र) भी भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक नई प्लेट उपलब्ध नही कराई जा सकी है। इसका खामियाजा सीधे तौर पर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल, अस्पताल का पूरा बोझ दूसरी मशीन पर आ गया है। इसकी वास्तविक क्षमता एक दिन में महज 25-30 अल्ट्रासाउंड करने की है, लेकिन मरीजों के दबाव को देखते हुए तकनीशियन रोज 40-45 जांच कर रहे हैं। क्षमता से ज्यादा इस्तेमाल होने के कारण इसके भी खराब होने का अंदेशा है। अस्पताल प्रबंधन केवल इमरजेंसी वार्ड में आने वाले गंभीर मरीजों की ही जांचें कर पा रहा है, जबकि ओपीडी में आने वाले सामान्य मरीजों को लंबी तारीखें थमा दी जा रही है।।
बरेली से कपिल यादव
