बरेली। नगर निगम मे जनगणना ड्यूटी को लेकर सफाई कर्मचारियों का विरोध अब तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को नगर निगम परिसर में सफाई कर्मचारी संगठनों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का पिछले दो दिनों से जारी धरना बृहस्पतिवार को अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि नगर निगम से जुड़े करीब 2800 सफाई कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी में लगा दिया गया है, जबकि कई कर्मचारी पढ़े-लिखे नहीं हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अंगूठा टेक कर्मचारियों से डिजिटल और दस्तावेजी कार्य कराना व्यावहारिक नहीं है। धरने में शामिल उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारी राजेश कुमार, राजेंद्र समदर्शी और सुरेश शिंदे ने कहा कि भीषण गर्मी में महिला कर्मचारी भी परेशान है। धरने में शामिल उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारी राजेश कुमार, राजेंद्र समदर्शी और सुरेश शिंदे ने कहा कि भीषण गर्मी में महिला कर्मचारी भी परेशान हैं। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सफाई कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त नहीं किया गया तो शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। धरना-प्रदर्शन के दौरान नगर निगम परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही और कर्मचारी प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते रहे। स्थिति को संभालने के लिए अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय और एक्सईएन राजीव कुमार राठी धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता की। उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का मुख्य विरोध जनगणना ड्यूटी में अशिक्षित सफाई कर्मचारियों की तैनाती को लेकर था। कर्मचारियों ने इसे अव्यावहारिक निर्णय बताते हुए वापस लेने की मांग की। देर शाम यूनियन ने 10वीं पास और अशिक्षित कर्मचारियों की सूची सौंप दी। यहां देवदास चौहान, रघुनंदन पंकज, राजेश कुमार, राजेंद्र कुमार समदर्शी, सुरेश शिंदे, नेक पाल सिंह और महक सिंह रहे।।
बरेली से कपिल यादव
