कठिन पेपर के बाद घर पहुंचने को भी अभ्यर्थियों को उठानी पड़ीं कठिनाइयां

बरेली। गुरुवार को टीजीटी परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना था कि साढ़े चार साल के बाद परीक्षा कराई गई उसमें भी जिसकी तैयारी की वह पेपर में आया ही नही। पूरा पेपर आउट ऑफ सिलेबस आ गया। गुरुवार को 20 केंद्रों पर आयोजित टीजीटी की परीक्षा में प्रथम पाली सुबरह साढ़े नौ से साढ़े ग्यारह बजे की रही। जिसमें अंग्रेजी, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान के साथ संगीत वादन की परीक्षा हुई। जिसमें 9311 अभ्यर्थियों में 4479 परीक्षा में शामिल हुए और 4832 अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली दोपहर ढाई से शाम साढ़े चार बजे तक रही। जिसमें संस्कृत वाणिज्य, कला विषय की परीक्षा हुई। इसमें 5236 अभ्यर्थियों में 2532 शामिल हुए और 2704 अनुपस्थित रहे। शिक्षक भर्ती परीक्षा में नकल माफियाओं की सेंधमारी की कोशिश पहले ही दिन नाकाम हो गई। मगर इसके बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। आयोग द्वारा नामित प्रेक्षक एवं पूर्व आईजी डॉ. राकेश सिंह ने गुरुवार को भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा किसी भी कीमत पर नकलविहीन, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।।

बरेली से कपिल यादव

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