बरेली। ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में भारत बंद का जिले में असर नही दिखा। अधिकांश दवा बाजार और दुकानें खुली रही। हालांकि विरोध में कई जगह केमिस्ट कारोबारियों ने काली पट्टी बांधी। जिलाधिकारी के माध्यम से केमिस्ट कारोबारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा और आनलाइन दवा व्यवसाय पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की तरफ से बुधवार को आनलाइन फार्मेसी के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया था। हालांकि जिले के कई केमिस्ट संगठनों ने पहले ही बंद का विरोध किया था। इस वजह से दवा बाजार पर भारत बंद का असर नही दिखा। व्यापारियों का कहना है कि कई लाइसेंस होल्डर अब अपना परिवार तक ठीक से नहीं चला पा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से कंपटीशन एक्ट 2002 का सख्ती से पालन कराने और ऑनलाइन दवा बिक्री में भारी डिस्काउंट पर रोक लगाने की मांग की। दूसरी तरफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने बंद का समर्थन नहीं किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने अपनी टीम के साथ शहर के बाजारों का दौरा किया और दावा किया कि ज्यादातर मेडिकल स्टोर खुले रहे। उन्होंने कहा कि मरीजों और आम जनता की जरूरतों को देखते हुए दवा दुकानों को बंद रखना उचित नहीं है। उन्होंने सभी दवा व्यापारियों से अपील की कि मरीजों की सुविधा के लिए दुकानें देर रात तक खुली रखें। शहर में अधिकांश मेडिकल स्टोर खुले रहने से मरीजों और तीमारदारों को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। बाजारों में दवाओं की खरीदारी सामान्य दिनों की तरह जारी रही, जबकि प्रदर्शनकारी संगठनों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण लगाने की मांग दोहराई।।
बरेली से कपिल यादव
