मंदिर के दो पिलर और लिंटर का कुछ हिस्सा रामगंगा मे समाया

मीरगंज, बरेली। रामगंगा के कटान से कपूरपुर के देवी मंदिर के दो पिलर अैर लिंटर का कुछ हिस्सा नदी में समा गया। बाढ़ खंड के कटान रोधी कार्यों से कटान कुछ धीमा हुआ है। नदी के कटान से मंदिर पर खतरे की तलवार लटकी हुई है। रामगंगा नदी कपूरपुर के जंगल में मंदिर से सटकर कई दिनों से कटान कर रही है। नदी इस समय मंदिर के सामने एवं पूर्व दिशा में घूमकर कटान कर रही है। कटान से क्षतिग्रस्त हुए मंदिर के दो पिलर और क्षतिग्रस्त लिंटर का एक हिस्सा नदी में समा गया है। बाढ़ खंड की टीम मंदिर के पूर्व में हो रहे कटान को रोकने को ईसी बैग में रोड़ा व ईंटें भरकर नदी किनारे डालकर बहाव को किनारे से दूर रखने की कवायद में जुटी है।टीम ने दर्जनों पेड़ों की शाखाएं काटकर नदी के किनारों पर परक्यूपाइन लगाकर डाली है। इन प्रयासों से कटान की गति धीमी हुई है लेकिन कटान अभी रूका नहीं है। प्रधान हरीश कुमार राजपूत ने बताया मंदिर के क्षतिग्रस्त लिंटर का कुछ हिस्सा नदी में बह गया है। लेकिन मूर्ति वाला मुख्य हिस्सा अभी सुरक्षित है। रामगंगा पूर्व में जलस्तर घटने पर कटान तेज करती रही है। मूसलाधार बारिश से बहगुल नदी में उफान : शाही। रविवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह से शुरू हुई बारिश शाम तक रुक-रुक कर लगातार जारी रही। इससे कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश के कारण मुख्य मार्गों और बाजारों में पानी भर गया।ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों में पानी घुस गया, वहीं खेतों में जलभराव होने से तिल, उड़द, मक्का आदि फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। बैगुल नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। नदी किनारे बसे सुल्तानपुर, बिहारीपुर, फिरोजपुर, कुल्छा और हैदरगंज समेत दर्जन भर गांवों में ग्रामीणों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और लेखपालों को निगरानी के निर्देश दिए गए है।।

बरेली से कपिल यादव

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