बरेली। जनपद के थाना किला पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को दबोचकर 129 चरखी चाइनीज मांझा बरामद किया है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मांझे की खेप हरिद्वार से बसों के जरिए बरेली पहुंच रही थी। यहां माल उतारने के बाद उसे छिपाकर रखा जाता और फिर फुटकर में महंगे दामों पर बेचा जाता था। किला पुलिस को शनिवार रात सूचना पर श्मशान भूमि फाटक से सराय तल्फी जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी कर दी। यात्री शेड के पास रात करीब नौ बजे दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को पकड़कर तलाशी ली तो उनके पास से एक-दो नहीं बल्कि 129 चरखी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिला। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए युवकों की पहचान गंगापुर में हनुमान मंदिर के सामने रहने वाले विक्की पुत्र अर्जुन लाल और माचिस फैक्ट्री 71, गंगापुर सहदाना निवासी गौरव पुत्र लालाराम के रूप में हुई। दोनों बारादरी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इतनी बड़ी मात्रा में मांझा मिलने के बाद पुलिस ने दोनों से इसके स्रोत और बिक्री के ठिकानों के बारे में पूछताछ की। पूछताछ में चाइनीज मांझे की सप्लाई का पूरा तरीका सामने आया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि वे हरिद्वार निवासी नितेश से प्रतिबंधित मांझा मंगवाते थे। जरूरत के हिसाब से उसे ऑर्डर दिया जाता और इसके बाद मांझे की खेप बस में रखकर बरेली भेज दी जाती थी। बस पहुंचने पर आरोपी माल हासिल कर लेते थे। दोनों के पकड़े जाने के बाद हरिद्वार से बरेली तक चाइनीज मांझा पहुंचाने वाले नेटवर्क की दूसरी कड़ियां भी पुलिस के रडार पर हैं। सप्लाई में सामने आए नितेश और स्थानीय स्तर पर मांझा खरीदने-बेचने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।।
बरेली से कपिल यादव
