बरेली। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन बरेली जंक्शन पर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब हजारों की संख्या में अभ्यर्थी जंक्शन पहुंचे, तो ट्रेन पकड़ने के लिए उन्हें भीषण संघर्ष करना पड़ा। तस्वीरें देखी जा सकती है कि ट्रेनों मे पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। स्थिति इतनी खराब थी कि जितने यात्री कोच के भीतर थे, उससे कहीं ज्यादा यात्री गेट पर लटके हुए दिखाई दिए। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर जैसे ही कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस पहुंची, सैकड़ों की तादाद में अभ्यर्थी कोच में सवार होने के लिए दौड़ पड़े। ट्रेन पहले से ही यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी, जिस कारण बड़ी संख्या में छात्र स्टेशन पर ही फंसे रह गए। आलम यह था कि किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आरपीएफ को मोर्चा संभालना पड़ा। जवानों ने न केवल भीड़ को नियंत्रित किया, बल्कि ट्रेन में चढ़ने के लिए अभ्यर्थियों की मदद भी की। अभ्यर्थियों ने बताया कि सरकार की ओर से एडमिट कार्ड दिखाने पर रोडवेज बसों में किराए में छूट का दावा किया गया था। लेकिन मौके पर रोडवेज कर्मी इस नियम को मानने से इंकार कर रहे हैं। कई छात्रों ने बताया कि उन्हें बस से आने में पूरा किराया चुकाना पड़ा। भीड़ के कारण कई परीक्षार्थी ट्रेन से अपने गंतव्य तक नहीं जा सके और वे अगली ट्रेन के इंतजार में प्लेटफार्म पर ही बैठने को मजबूर हो गए। यह डिजिटल इंडिया की ऐसी तस्वीर है, जहां युवाओं को परीक्षा देने के लिए हर कदम पर कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है।।
बरेली से कपिल यादव
