बरेली। शनिवार को जनप्रतिनिधियों की हुई बैठक का कुछ असर बिजली निगम के अधिकारियों पर पड़ा है। वन मंत्री, विधायक व डीएम के साथ ही लखनऊ मुख्यालय से भेजे गए चीफ इंजीनियर टेक्निकल के सामने पार्षदों ने शहर की चौपट बिजली व्यवस्था के साथ ही भ्रष्टाचार व कार्यशैली को बताया था। पार्षदों व भाजपा पदाधिकारियों के चढ़े पारे का असर बिजली निगम की कार्यशैली पर देखने को मिला। महानगर में शनिवार रात साढ़े 11 बजे ट्रांसफार्मर को कई वर्षों के बाद रात दो बजे स्टोर को खोलकर ट्रांसफार्मर भेज सुबह पांच बजे आपूर्ति बहाल की गई। रविवार शाम साढ़े सात बजे बाकरगंज जापू भाई की टाल के पास ट्रांसफॉर्मर में आग लगने के कारण बिजली संकट हुआ। देर रात इसे सही करने में कर्मचारी लगे रहे। कैंट स्थित सेंट मारिया स्कूल के सामने सूखा पेड़ गिरने के कारण रविवार शाम चार बजे 33 केवीए लाइन पर सूखा पेड़ गिरने से 90 से अधिक गांवों की चार घंटे बिजली गायब रही। जो रात आठ बजे के बाद बहाल हो सकी। डीडीपुरम के संजय नगर फीडर पर लगे गट्टूमल वाले ट्रांसफार्मर की एलटी लीड जलने के कारण चार से पांच घंटे बिजली कटौती हुई। वहीं रविवार रात नौ बजे शहर का एक मात्र एक हजार केवीए क्षमता का चौपुला रोड पर लगा ट्रांसफार्मर भी फुंक गया। सिविललाइंस में लगा 630 केवीए का ट्रांसफार्मर भी देर रात जल गया। इसके साथ ही हनी पब्लिक स्कूल के पास आरडीएसएस योजना के तहत आर्मर्ड केबल डालने के कारण बिजली कटौती हुई। कुतुबखाना के गली आर्य समाज में फॉल्ट के कारण पांच घंटे बिजली कटौती हुई। सुभाष नगर के मारूति विहार कॉलोनी में रात दो बजे से शाम चार बजे तक 14 घंटे बिजली कटौती हुई। हुसैनबाग, बाकरगंज, केलाबाग, गुलाब नगर, फुटा दरवाजा में भी बिजली संकट बरकरार रहा। फूटा दरवाजा में पांच दिन से लगातार बंच केबल जलने के कारण हो रहे बिजली संकट को दूर करने के लिए नया बंच केबल डाला गया। सीबीगंज के महेशपुर, कटरा चांद खां, राजनगर, आजाद नगर, लोहिया विहार, डेलापीर, इज्जतनगर, परसाखेड़ा, दुर्गानगर, राजेंद्र नगर, हरूनगला, पवन विहार, महानगर उपकेंद्रों में लोकल फॉल्ट व ट्रिपिंग के कारण बिजली कटौती हुई।।
बरेली से कपिल यादव
