बरेली। दोहना मार्ग बनाने मे हो रही लेटलतीफी पर किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। उनका कहना है कि पत्थर डालकर छोड़ने से उन्हें गांव से शहर आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इस चिलचिलाती गर्मी मे 700 मीटर का यह दुर्गम रास्ता सात किलोमीटर प्रतीत होता है। शनिवार को कई किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर एक सप्ताह में सड़क का काम पूरा कराने की मांग की है। किसान एकता संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ रवि नागर के नेतृत्व में क्षेत्रीय किसानों ने दोहना सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। डाक्टर नागर का कहना है कि अंडरपास से निकलकर दोहना गांव से दर्जनों गांव के लोग निकलते हैं। दिसंबर से अप्रैल बीत चुका है लेकिन रेलवे चंद मीटर लंबी सड़क को नही बना पाया है। जबकि 70 लाख रुपये का ठेका दिया जा चुका है। ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है और जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। ठेकेदार ने करीब दो महीने से सड़क पर पत्थर डालकर छोड़ दिया है। जगह-जगह पत्थरों के ढेर लगे है। डीआरएम के यहां धरना देने की दी चेतावनी : डॉ रवि नागर का कहना है कि अगर एक दो दिन मे तारकोल डालकर सड़क का काम शुरू नही हुआ तो मजूबरी मे क्षेत्रीय लोगों को डीआरएम आफिस मे धरना देना होगा। किसानों का कहना है कि स्कूलों के नये सत्र शुरू हो गये है। बच्चे स्कूल नही जा पा रहे। नुकीले पत्थर वाली सड़क पर खुद चलना मुश्किल होता है। स्कूल बैग और साइकिल लेकर बच्चे कैसे जाएंगे। यहां सड़क पर पत्थरों पर बाइक फिसलकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं। क्या रेलवे उन लोगों के उपचार का पैसा देगा।।
बरेली से कपिल यादव
