बरेली। समाजवादी पार्टी की जिला कार्यकारिणी में हाल ही में नौ लोगों को जिला सचिव बनाया गया है। इनमें ब्रह्मपुरा निवासी परवेज यार खां भी शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक प्रेमनगर थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट खुली है और उनके खिलाफ अलग-अलग वर्षों में चार मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें बलवा, पुलिस पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़, धमकी और धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं। हालांकि इन मामलों में वह खुद को निर्दोष बताते है। रिकॉर्ड के मुताबिक परवेज यार खां के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2005 में दर्ज हुआ था। इसमें बलवा, पुलिस पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा और तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए थे। वर्ष 2008 में भी बलवा, धमकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद वर्ष 2009 में प्रेमनगर थाने में उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई। वर्ष 2014 में जमीन विवाद के मामले में उनके और दो अज्ञात साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी, रकम हड़पने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। इन मामलों के बावजूद परवेज यार खां को जिला सचिव बनाए जाने को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा शुरू हो गई है। इस संबंध में बात करने पर सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि उन्हें परवेज यार खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जानकारी नहीं है। वह पिछली कमेटी में भी जिला सचिव थे, इसलिए इस बार भी उन्हें जिम्मेदारी दी गई है। वहीं परवेज यार खां ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ये मुकदमे कब और किन परिस्थितियों में दर्ज किए गए। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि सभी मामलों में उन्हें जमानत मिली हुई है। फेसबुक पर कमेंटबाजी को लेकर सपा कार्यालय में भिड़े दो नेता : बरेली। समाजवादी पार्टी के दो नेताओं के बीच फेसबुक पर कमेंटबाजी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि तीन दिन पहले दोनों पार्टी कार्यालय में ही आपस में भिड़ गए। आरोप है कि छात्रसभा के दो पदाधिकारियों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे पार्टी के महानगर अध्यक्ष ने दोनों को समझाकर किसी तरह मामला शांत कराया। हालांकि महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी का कहना है कि यह अफवाह है। ऐसी कोई घटना कार्यालय में नही हुई।।
बरेली से कपिल यादव
