मूसलाधार बारिश से टूटा 18 साल का रिकॉर्ड, करीब 135 मिमी हुई बारिश

बरेली। मूसलाधार बारिश से बीते 18 साल का रिकार्ड टूट गया। अब तक सितंबर माह मे एक दिन में हुई यह सबसे तेज बारिश रही। मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार, करीब 135 मिमी बारिश हुई है। सितंबर में सबसे अधिक बारिश 2005 में हुई थी, जब एक ही दिन 267 मिमी पानी बरसा था। रविवार को करीब 10 घंटे तक शहर के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। दोपहर में तो काफी तेज बारिश हुई। शाम को बारिश हल्की हुई लेकिन रिमझिम जारी रही। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को करीब 135 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। यह बीते 16 साल में इस माह में एक दिन में हुई सबसे अधिक वर्षा है। सितंबर में एक दिन में सबसे अधिक वर्षा 2005 में हुई थी जब 17 सितंबर को 267 मिमी से अधिक वर्षा हुई थी। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार ने बताया कि 7 सितंबर से तापमान में बदलाव हो सकता है। मौसम में उतर- चढ़ाव जारी रहेगा। कई इलाकों में हल्की बारिश का भी अनुमान है। स्मार्ट सिटी की सड़कें हुईं जलमग्न : रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने स्मार्ट सिटी बरेली की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। लगातार हुई बारिश के बाद शहर की सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हो गया। नाले और नालियां चौक होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के पॉश इलाकों में शामिल सिविल लाइंस, राजेंद्र नगर, डीडीपुरम, मॉडल टाउन और जनकपुरी में भी कई स्थानों पर बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। वहीं निचले इलाकों में स्थिति और खराब रही। संजय नगर, हजियापुर, दुर्गा नगर, सुभाष नगर, सिकलापुर, मलूकपुर, जसौली और पुराना शहर में जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई। बारिश के दौरान नालों और नालियों से पानी का प्रवाह प्रभावित होने के कारण सड़कों पर पानी जमा होता चला गया। निचले इलाकों में जलभराव लंबे समय तक बने रहने से स्थानीय लोगों को परेशानी हुई। हजियापुर में घुटनों तक पानी, ट्रैक्टर से पहुंचे नगर आयुक्त : रेजिडेंसी कॉलोनी का निरीक्षण करने के बाद नगर आयुक्त हजियापुर में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। नगर आयुक्त पार्षद रईस मियां के साथ पैदल पहुंचे। घुटनों तक पानी सड़क पर भरा था। संपवैल पंप चालू मिला। एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि हजियापुर में जल निकासी व्यवस्था को देखा और फिर डेलापीर स्थित संपवैल को देखा। वहां बिजली न होने के कारण संपवैल बंद था, जनरेटर लगवाकर जल निकासी कराई गई।।

बरेली से कपिल यादव

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