बरेली। 800 करोड़ की ठगी के आरोपित महाठग कन्हैया गुलाटी के विरुद्ध अब शिकंजा और कस दिया गया है। उसके विरुद्ध दर्ज कुल 93 मुकदमों में से 12 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। 19 मुकदमों की विवेचना अभी प्रचलित है। बचे 62 मुकदमों को अब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दिया गया है। अब इन मामलों की विवेचना ईओडब्ल्यू ही अपने स्तर से करेगी। विवेचना के दौरान ईओडब्ल्यू आरोपित गुलाटी की गिरफ्तारी भी कर सकती है। कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी ने लोगों को निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा दिया। इसके साथ इसकी कंपनी के तमाम अन्य कर्मचारी भी इसमें शामिल थे। सभी लोगों को निवेश की गई रकम का हर माह पांच प्रतिशत ब्याज देने का झांसा दिया गया। कहा गया कि 22 माह बाद पूरी रकम लौटा दी जाएगी। झांसे मे फंसे लोगों ने जब निवेश करना शुरू किया तो कन्हैया गुलाटी ने उनका भरोसा जीतने के लिए कुछ महीने तक पांच प्रतिशत ब्याज भी दिया। कुछ समय बाद गुलाटी ने पांच प्रतिशत रकम वापस करना बंद कर दिया और फरार हो गया। मामले में निवेशकों ने मुकदमे दर्ज कराए। करीब एक साल में आरोपित गुलाटी व उसके साथियों पर कुल 93 मुकदमे दर्ज किए गए। सभी मामलों की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की गई, जिसमें से एसआईटी ने 12 मुकदमों में विवेचना पूरी कर गुलाटी व उसके साथियों के विरुद्ध चार्जशीटी कोर्ट में दाखिल कर दी। 19 मुकदमे ऐसे हैं, जिनकी विवेचना अभी एसआईटी के पास प्रचलित है। ऐसे में बचे कुल 62 मुकदमों को पुलिस ने अब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के पास ट्रांसफर कर दिया है। बता दें कि गुलाटी के विरुद्ध सबसे ज्यादा मुकदमे बारादरी थाने में दर्ज किए गए हैं। एसपी अकमल खान का कहना है कि कन्हैया गुलाटी के विरुद्ध अब तक कुल 93 मुकमदे दर्ज हो चुके हैं। इसमें से 62 मुकदमों की विवेचना अब ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दी गई है। इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी की केस दर्ज करके पहलुओं की जांच शुरू कर चुकी है। ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग का शक है इसलिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। हैरत इस बात की है कि इतनी कार्रवाई के बाद भी कन्हैया गुलाटी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। उसके विरुद्ध डीआइजी अजय सहानी ने 50 हजार का इनाम भी घोषित किया हुआ है।।
बरेली से कपिल यादव
