शेरगढ़, बरेली। किच्छा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान के चलते बैरमनगर गांव मे करीब 3.97 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही पानी की टंकी नदी में समा गई। टंकी के नदी मे गिरने के दौरान मौके पर तमाम ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया। मंगलवार की सुबह के समय टंकी के आसपास मौजूद ग्रामीणों ने देखा कि नदी की ओर से लगातार भूमि कटान हो रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन टंकी का हिस्सा धीरे-धीरे नदी की ओर खिसकने लगा और देखते ही देखते टंकी का हिस्सा नदी में जा गिरा। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला मौके पर पहुंची। लोगों ने बताया, जिस स्थान पर वर्ष 2022-23 मे करीब 3.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। वह किच्छा नदी से महज 200 मीटर की दूरी पर था। नदी के करीब आने पर जल निगम की एक्सईएन आकांक्षा सिंह, एई संजय सिंह और जेई राकेश चौधरी ने निरीक्षण किया था। जल निगम ने सोलर पैनल, डीजी, स्कॉडा व जनरेटर समेत जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचवा दिया लेकिन टंकी को नही बचाया जा सका। गांव मे करीब 70 फीसदी घरों मे टोंटियां और पाइपलाइन बिछ चुकी है। निर्माणाधीन टंकी नदी में समा जाने पर डीएम अविनाश सिंह ने कहा ओवरहेड टैंक को बचाने का भरसक प्रयास किया गया लेकिन तेज कटान और बहाव मे ओवरहेड टैंक को नही बचाया जा सका। फिलहाल पूरे प्रकरण मे जांच शुरू कर दी गई है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निर्माणाधीन पानी की टंकी के नदी में समाने के बाद अब निर्माणस्थल के चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जलील अहमद, राधेश्याम दिवाकर आदि ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही योजना का इस तरह बर्बाद होना सिस्टम की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य, स्थल चयन और अब तक खर्च हुई धनराशि की जांच कराने की मांग की। जल निगम की एक्सईएन आकांक्षा सिंह का कहना है कि उक्त योजना के अंतर्गत ओवरहेड टैंक के निर्माण को भूमि का चयन एवं आवंटन निर्माण के समय उपलब्ध स्थल परिस्थितियों के आधार पर किया गया था। मूल रूप से आवंटित भूमि नदी के तट से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित थी व उस समय उक्त स्थल बाढ़ क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता था। निर्माण के बाद जल प्रवाह एवं तीव्र कटान के कारण नदी का तट लगातार स्थल की ओर परिवर्तित होता गया। अत्यधिक कटान के परिणामस्वरूप ओवरहेड टैंक के आसपास की भूमि का क्षरण होता गया व टैंक की नींव के समीप भूमि की स्थिरता प्रभावित हुई। ओवरहेड टैंक नदी में गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। ओवरहेड टैंक के गिरने का कारण निर्माण की खराब गुणवत्ता अथवा किसी निर्माणगत दोष के कारण होना प्रथम दृष्टया प्रतीत नही होता है।।
बरेली से कपिल यादव
