बरेली। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिले की महत्वाकांक्षी योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। समीक्षा बैठक को लेकर प्रशासनिक अमले में पूरे दिन हलचल रही। शासन से जारी एजेंडे के अनुसार विभिन्न विभागों के अधिकारियों को वर्ष 2017 से अब तक संचालित 37 प्रमुख योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय और लाभार्थियों का विस्तृत विवरण तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर सर्किट हाउस पहुंचेंगे। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात करने के बाद दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर कलक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था, विकास कार्य और राजस्व और योजनाओं की समीक्षा करेंगे। बैठक को देखते हुए सोमवार को देर शाम तक विभिन्न विभागों में रिपोर्टों को अंतिम रूप देने का काम चलता रहा। कई विभागों ने लाभार्थियों की संख्या, वित्तीय प्रगति और भौतिक उपलब्धियों का मिलान कर आंकड़े अपडेट किए। सूत्रों के अनुसार उप मुख्यमंत्री योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ उन परियोजनाओं की भी समीक्षा करेंगे जो समय सीमा के बावजूद पूरी नहीं हो सकी हैं। लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों से कारण पूछे जाएंगे और आवश्यक निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। बैठक में विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि योजनाओं के लिए आवंटित बजट का कितना उपयोग हुआ, कितने लाभार्थियों को लाभ मिला और निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले विभागों का प्रदर्शन कैसा रहा। समीक्षा के दायरे में आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित कुल 37 महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं। इनके अलावा विभाग वार विकास परियोजनाओं और लंबित कार्यों पर भी जवाब-तलब होगा। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, योजनाएं, विकास कार्य की प्रगति समेत अन्य की समीक्षा के साथ ही डिप्टी सीएम कार्यालय में वर्ष 2026 के जनवरी से अब तक शिकायतों में से कितनों का निस्तारण किया गया है। इसकी भी विस्तृत रिपोर्ट अधिकारियों से मांगी गई है। अब इस रिपोर्ट को प्रस्तुत करने में अधिकारियों को डिप्टी सीएम के सवालों में उलझने के पूरी संभावना बनी हुई है। वहीं शिकायत निस्तारण में लापरवाही मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई भी हो सकती है।।
बरेली से कपिल यादव
