मीरगंज, बरेली। बैंक से करीब 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले मे वांछित एसबीआई का तत्कालीन शाखा प्रबंधक कपिल कुमार आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। करीब आठ महीने बाद मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने चंदौसी स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक बीते साल तत्कालीन शाखा प्रबंधक कपिल कुमार की स्थानीय लोगों ने धोखाधड़ी की शिकायत की थी। आरोप था कि कई बैंक खाताधारकों की पासबुक में कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर लम्बे समय से इंट्री नही की थी। जिससे खाता धारक को एकाउंट से हुए लेने देन का पता ही नही चल रहा था। इंट्री न करने पर ग्राहकों की तत्कालीन प्रबंधक व कर्मचारियों नोंकझोंक भी होती थी। यह गड़बड़झाला कोरोना महामारी मे लॉकडाउन लगने के दौरान हुआ था क्योंकि खाताधारक बैंक नही जा पाए थे। उस वक्त मैनेजर के साथ क्षेत्र के गांव का युवक भी रहता था। जिसकी गोपनीय तरीके से जांच कराई तो मामला सही पाया गया था। इस मामले मे आला अफसरों के निर्देश पर वर्तमान के शाखा प्रबंधक सौरभ त्रिवेदी ने जुलाई 2021 मे प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पूर्व शाखा प्रबंधक की तलाश शुरु कर दी थी लेकिन लंबे समय बाद भी उसका सुराग नही लग सका था। मुखबिर की सटीक सूचना पर गुरुवार को पुलिस ने चंदौसी स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इधर अधिकारियों के मुताबिक पूर्व शाखा प्रबंधक ने 27 लाख 76 हजार 126 रुपए निकालकर बैंक को नुकसान पहुंचाया था। जो कि सार्वजनिक धन था। जिसके तहत उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।।
बरेली से कपिल यादव
