बरेली। बंद पड़ी सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स लिमिटेड रबड़ फैक्ट्री के मजदूरों की समस्याओं और बकाया भुगतान के समाधान की मांग को लेकर श्रमिक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नए मंडलायुक्त शम्भू कुमार से मुलाकात की। फैक्ट्री के मजदूरों की 27 साल पुरानी समस्या से जुड़ा ज्ञापन और पहले दिए गए ज्ञापन का रिमाइंडर सौंपा। एस एंड सी कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि 15 जुलाई 1999 को फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को सवेतन अवकाश का नोटिस देकर फैक्ट्री बंद कर दी गई थी। इसके बाद से मजदूर अपने वैधानिक बकाया भुगतान के लिए संघर्ष कर रहे है। यूनियन का दावा है कि 27 वर्षों में आर्थिक तंगी और अन्य परेशानियों के कारण 350 से अधिक मजदूरों की असमय मौत या आत्महत्या हो चुकी है। इस दौरान श्रमिक प्रतिनिधियों ने कहा कि रबड़ फैक्ट्री की जमीन के एक हिस्से का पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहण किया गया था। उसकी मुआवजा राशि से मजदूरों के बकाया का भुगतान किया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने रबड़ फैक्ट्री की जमीन पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमी टाउनशिप योजना विकसित करने का सुझाव भी दोहराया। मंडलायुक्त ने मजदूरों की समस्याओं को सुना और मामले की जानकारी स्थानीय प्रशासन से भी लेने की बात कही। उन्होंने श्रमिक प्रतिनिधियों को एक सप्ताह में दोबारा वार्ता करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में अजय भटनागर, एसएल चौबे, प्रमोद कुमार, एससी निगम, प्रदीप कुमार रस्तोगी, अनिल क्रिस्टोफर, चौधरी, राजीव पाठक समेत अन्य लोग शामिल रहे।।
बरेली से कपिल यादव
